संदेश

राजस्थान सेवा समिति के ट्रस्टी श्री अशोकजी बाफना का प्रेरणादायी संबोधन

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  अहमदाबाद :- राजस्थान सेवा समिति के ट्रस्टी श्री अशोकजी बाफना द्वारा राजस्थान हिंदी हाई स्कूल में आयोजित कक्षा 12वीं के अभिभावक सम्मेलन में दिया गया संबोधन सभी के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर दिशा दी, बल्कि अभिभावकों को भी नई सोच और सकारात्मकता की ओर प्रेरित किया। अपने संबोधन में श्री बाफना ने शिक्षा के महत्व, पारिवारिक सहयोग और अनुशासन पर विशेष बल दिया। उनके विचारों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और उन्होंने सभी को बच्चों के सपनों को साकार करने हेतु सहयोग और मार्गदर्शन देने का संदेश दिया। राजस्थान सेवा समिति की ओर से श्री अशोकजी बाफना को उनके अमूल्य समय, मार्गदर्शन और प्रेरणास्पद वक्तव्य के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन, शिक्षकगण, अभिभावक और राजस्थान सेवा समिति के पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

*आचार्य यशोवर्मसूरीश्वरजी का चातुर्मास पहली बार नवी मुंबई में, प्रवेश यात्रा को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियाँ जोरों पर*

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  *नवी मुंबई, वाशी* – जैन समाज के लिए इस वर्ष का चातुर्मास नवी मुंबई वासियों के लिए विशेष गौरव का विषय बन गया है। पूज्यपाद आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय यशोवर्मसूरीश्वरजी महाराज साहेब पहली बार नवी मुंबई में चातुर्मास हेतु पधारे हैं। जैसे ही यह शुभ समाचार मिला, समूचे जैन समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई। चातुर्मास की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रवेश यात्रा को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए समाजजन विशेष रूप से सक्रिय हो उठे हैं। 7 जुलाई को होने वाली इस यात्रा की तैयारियाँ बड़े जोश और उत्साह के साथ की जा रही हैं। आयोजन की थीम को आकर्षक बनाने के लिए बच्चे, युवा और वरिष्ठजन तन-मन-धन से जुटे हैं। प्रवेश यात्रा में देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से साधु-साध्वियों, श्रद्धालुजनों, प्रमुख संघों और गणमान्य अतिथियों के पहुंचने की संभावना है। समाज की ओर से व्यवस्था और स्वागत सत्कार की तैयारियाँ पूरे जोरों पर चल रही हैं। इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव की वाणी से मिले संदेश ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को गहराई से छू लिया। गुरुदेव ने कहा की संबंधों के बीच की दूरी जल्दी मिट सकती है, अगर हमारा अहम हमारी मजबूरी न हो। उन्...

*युवा पीढ़ी की दिशा एवं दशा के प्रेरणा स्त्रोत- सदगुरु*

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*पदमचंद गांधी*       *दिशाहीनता आज के युवाओं की जिंदगी का आम सच है।  देश के बहुसंख्यक युवा इस समस्या से घिरे हुए हैं । जीवन की राहों पर उनके पांव बहक रहे हैं ,भटक रहे हैं तथा फिसलने लगे हैं । वे जो कर रहे हैं उनके अन्जाम या मंजिल का उन्हें न तो पता है और न ही इनके बारे में उन्हें सोचने की फुर्सत है। बस जिज्ञासा, कुतूहल, ख्वाहिश, शौक या फैशन के नाम पर उन्होंने टेढ़ी-मेढ़ी राहो को चुना है या फिर तनाव ,हताशा, निराशा या कुंठा ने जबरन उन्हें इन रास्तों पर धकेल दिया है। मीडिया ,सोशल मीडिया, टीवी, फिल्में ,इंटरनेट ,आसपास का माहौल उन्हें इसके लिए प्रेरित कर रहा है। सामाजिक वातावरण भी दिशाहीनता के लिए काफी कुछ हद तक जिम्मेदार है ।* *आज युवाओं में जो नशे का जोर है उसमें शराब, सिगरेट, चरस ,गांजा, अफीम ,तंबाकू आदि को कोई जगह नहीं है यह सब तो गुजरे जमाने की ओल्ड फैशन की चीज हो चुकी है। सिगरेट, शराब तो आम सॉफ्ट आइटम कहे जाते हैं। आज का नया शगल जिसे युवा अपने तनाव को दूर करने का साधन बना रहे हैं वह है पब, नाइट क्लब, कॉफी रेस्टोरेंट, जहां उन्हें मिलता है चिल्ड वाटर एनर्जी ड्रिं...

राजभवन में हुआ PYS का 212वां सेशन — आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरिश्वरजी म.सा. ने दी “ब्लैक बॉक्स” के ज़रिए खुद को समझने की सीख

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  अहमदाबाद, शाहीबाग। रविवार को शाहीबाग के सरदार पटेल स्मारक राजभवन में एक शानदार और सीख देने वाला कार्यक्रम हुआ। यहाँ परफेक्टिंग यूथ सेशन (PYS) का 212वां सेशन रखा गया, जिसे आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरिश्वरजी म.सा. ने मार्गदर्शित किया। इस बार का विषय था “स्टोरी ऑफ ब्लैक बॉक्स”, और आचार्यश्री ने इसे बहुत ही आसान और असरदार तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि जैसे हवाई जहाज़ में एक ब्लैक बॉक्स होता है जो उड़ान के हर पल को रिकॉर्ड करता है, वैसे ही हमारे भीतर भी एक ब्लैक बॉक्स होता है — जो लोगों के व्यवहार, उनकी बातें और हमारे अनुभवों को जमा करता रहता है। अगर इसमें कुछ बुरा भर गया है कोई नाराज़गी, कटुता या गलतफहमी  तो समय रहते उसे बाहर निकाल देना चाहिए, नहीं तो यही चीज़ें हमें अंदर से परेशान करती रहती हैं। उन्होंने एक और दिलचस्प बात बताई — जैसे हम खाने से पहले उसे देखते हैं, सूंघते हैं, छूते हैं, आवाज़ सुनते हैं और फिर स्वाद लेते हैं, वैसे ही किसी के व्यवहार को भी तुरंत न समझकर थोड़ा सोचकर, समझकर, परखकर आगे बढ़ना चाहिए। तभी रिश्ते मजबूत बनते हैं और गलतफहमियाँ दूर होती हैं। कार्यक्रम की श...

हम भूल गये :- दिनेश दोशी चेन्नई

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  _तेरे हुस्न का जलवा देख,_  _सारे जलवे हम भूल गए_ _तेरी शोख अदाओं से,_  _सारी अदाएं हम भूल गए._ _तेरे सूरत का दीदार पाकर,_  _अपना चेहरा हम भूल गए_ _तेरी मोरनी सी चाल देख,_  _अपने कदम हम भूल गए_ _तेरी झील सी आँखें देख,_ _कश्मीर को हम भूल गए._ _तेरे बदन की खुश्बू से,_  _कन्नौज को हम भूल गए._ _तेरे चेहरे के कोहिनूर से,_  _सूरज को हम भूल गए._ _तेरी मीठी बोली सुनकर,_ _कोयल को हम भूल गए._ _तेरे दिलकश नगमे सुनकर,_  _तानसेन को हम भूल गए._ _तेरे भक्तिभजन सुनकर,_  _मीराबाई को हम भूल गए._ _तेरे प्रेम को महसूस कर,_  _राधा-कृष्ण हम भूल गए._ _तेरी कमसिन काया देख,_  _जहां आलम हम भूल गए._ _तेरे रूप,रंग,लावण्य में,_  _सारे नज़ारे हम भूल गए._ _मर गए तेरी खासियतों पर,_ _मरने का गम हम भूल गए._ _✒️दिनेश दोशी_

*अंतरराष्ट्रीय जैन साहित्य संगम का द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन राजस्थान में*

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*देश-विदेश के जैन कवि-साहित्यकारों का होगा साहित्यिक महाकुंभ*  *संतों-विशिष्ट अतिथियों की रहेगी गरिमामय उपस्थिति* उदयपुर,       जैन कवि-साहित्यकारों की प्रतिनिधि सर्वमान्य संस्था अंतरराष्ट्रीय जैन साहित्य संगम (रजि.) का द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन-2025 राजस्थान में 13-14 सितम्बर को आयोजित किया जा रहा है।       अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू-मंगलप्रभात लोढ़ा ने बताया कि अधिवेशन में विश्वसंत, श्रेष्ठीवर्य व विशिष्ट राजनेता-अभिनेता-संगीतकारों की उपस्थिति रहेगी ।         राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप जैन "हर्षदर्शी" ने जानकारी देते हुए बताया कि देश-विदेश के जैन साहित्यसेवियों का राष्ट्रीय अधिवेशन में आगमन होगा जो  विभिन्न सत्रों में साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता कर जैन एकता का शंखनाद करेंगे ।       राष्ट्रीय महामंत्री मनोज जैन 'मनोकामना'  ने बताया कि,अधिवेशन में उद्घाटन समारोह, विद्वद् संगोष्ठी, महिला सांस्कृतिक सम्मेलन, कवि सम्मेलन, कृतियों का लोकार्पण, पुस्तक प्रदर्शनी आदि विभिन्न  आयोजन हो...

राजस्थान विद्यालय में धूमधाम से मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव और कन्या केडवाणी महोत्सव

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बच्चों को मिली शैक्षणिक किट, मेधावियों को मिला सम्मान, और लगाए गए पेड़ माँ के नाम पर अहमदाबाद (दिनेश देवड़ा धोका) राजस्थान सेवा समिति द्वारा संचालित राजस्थान विद्यालय में 25 और 26 जून 2025 को 23वां शाला प्रवेशोत्सव और कन्या केडवाणी महोत्सव बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एडिशनल चीफ़ सेक्रेटरी श्री मनोज दास (IAS) , लाइजन अधिकारी श्री प्रशांत जोशी (AEI) और ऋषिकांत जोशी (EI) का विद्यालय परिवार की ओर से सम्मान किया गया। साथ ही सचिव श्री दीपचंदजी बाफना और ट्रस्टी श्री अशोकजी बाफना भी कार्यक्रम में शामिल हुए और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम का उद्देश्य था बच्चों को आत्मविश्वास देना, उन्हें अपनापन महसूस कराना और सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में जानकारी देना। ज़रूरतमंद विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक और यूनिफॉर्म के साथ शैक्षणिक किट दी गई। “ एक पेड़ माँ के नाम ” अभियान के अंतर्गत अतिथियों और समिति पदाधिकारियों ने मिलकर विद्यालय परिसर में पेड़ लगाए – जो पर्यावरण के साथ भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाता है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के मेधावी विद्यार्...

तेरापंथ आचार्य श्री महाश्रमण जी का धवल सेना के साथ पालड़ी में प्रवास, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक लाभ

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  अहमदाबाद – आज तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी का अहमदाबाद के उपनगरीय क्षेत्र पालड़ी में हुआ एक दिवसीय प्रवास, श्रद्धा, सेवा और संयम का अद्भुत संगम बन गया। गढ़ सिवाना निवासी श्री गौतमचंदजी सोहनराजजी चौधरी के पालड़ी स्थित निवास पर जब आचार्य श्री अपनी धवल सेना के साथ पधारे, तो पूरे क्षेत्र में भक्तिभाव की लहर दौड़ पड़ी। जैसे ही प्रवचन हॉल में आचार्य श्री ने प्रवेश किया, "जय जय ज्योतिचरण, जय जय महाश्रमण" की घोषणाओं से सारा हॉल गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आंखों में भाव-विभोरता और दिलों में गुरु चरणों के प्रति अगाध श्रद्धा स्पष्ट झलक रही थी। सैकड़ों श्रद्धालु इस अवसर पर बड़ी श्रद्धा और भावना के साथ उपस्थित रहे। आचार्य श्री ने अपने प्रभावशाली प्रवचन के माध्यम से संयम, आत्मानुशासन, नैतिकता और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके शब्दों ने सभी को आत्मचिंतन और आत्मिक शुद्धि की दिशा में सोचने पर जोर दिया। इस पावन अवसर पर चौधरी परिवार ने विहार और प्रवचन में पधारे सभी आगंतुकों के लिए नवकारसी व स्वामी वात्सल्य की सुंदर और स्नेहपूर्ण व्यवस्था की, जिससे से...

चेहरे पे खुशियाँ, दिल में गम का समंदर

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  चेहरे पे खुशियाँ, दिल में गम का समंदर,   दुनिया क्या जाने हमारी दास्ताँ के बवंडर।_  हर मुस्कान के पीछे, छिपा एक राज़ है,   जिंदगी की किताब में, हर पन्ना एक साज़ है। शायर तो नहीं था, नहीं लिखता था शायरी,   आपके शेर पढ़कर मिल गए "गुर ए शायरी"।   चिंगारियाँ भी कभी-कभी काम कर जाती हैं, आग से भी आगे, अलग बहुत कुछ है। ताने भी अक्सर चिंगारी बन जाते हैं,  कभी महाभारत, कभी रामायण लिख जाते हैं। दिल की आग से जब शब्द निकलते हैं, कभी महाकाव्य, कभी कहानियाँ बन जाते हैं।  हर लफ्ज़ में छिपा है, एक नया सफर,   शायरी की दुनिया में, मेरे दिल का है असर। _✍🏻 दिनेश दोशी_

JCI शाहिबाग का 'बिग बिजनेस डे' और 'गो डिजिटल गो ग्लोबल' कार्यक्रम बना नई सोच का मंच

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  अहमदाबाद, 22 जून 2025 – जूनियर चैंबर इंटरनेशनल (JCI) शाहिबाग ने रविवार को अपने दो प्रभावशाली " कार्यक्रम  "बिग बिजनेस डे" और गो डिजिटल गो ग्लोबल" का भव्य आयोजन किया, जिसने न केवल व्यापार और नेतृत्व की दिशा में नया दृष्टिकोण दिया, बल्कि सभी उपस्थित लोगों को आत्मविश्वास से भर दिया। यह कार्यक्रम सुभाष ब्रिज स्थित फर्ण रेसिडेंसी में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न उद्योगों से जुड़े व्यापार मालिक, युवा उद्यमी और संभावित लीडर्स ने बड़े उत्साह से भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य था एक ऐसा मंच प्रदान करना, जहाँ व्यापार जगत से जुड़े लोग आपस में नेटवर्क बना सकें और साथ ही लीडरशिप, नवाचार व डिजिटल युग की जरूरतों को समझते हुए अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित हों। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में JCI जोन-7 के अध्यक्ष और प्रसिद्ध बिजनेस कोच जेसी शहजाद बोदिला उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने प्रेरक सत्र से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने व्यापार, डिजिटल परिवर्तन और लीडरशिप के व्यावहारिक पहलुओं को बेहद सरल और प्रभावशाली अंदाज में समझाया। उन्होंने बताया कि आज ...

अशोक दोशी की कविता

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 दिनांक 23/6/2025 विषय: संगीत रूप घनाक्षरी  हो जीवन में संगीत      राग से रखना प्रीत         पढ़ना साहित्य नित           गाते रहे गीत गान।१।   रहे गायन सात्वीक       अभिप्राय हो मार्मिक         देगा सुख मानसिक           हो गीत का रस पान ।२। करें रोगों का निदान      लगा गीत में  वो ध्यान         गायें इसे कृष्ण कान          बढ़े आकर्षण शान।३। आज कल के ये गीत,      कान फोड़ू वो संगीत,          नहीं करें कोई हित,            संस्कृति का घटा मान।४। स्वरचित:अशोक दोशी

मुहब्बत नहीं मुझे मंच से,:- दिनेश दोशी मंडार चेन्नई

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  मुहब्बत नहीं मुझे मंच से, ना ही  तालियों की दरकार.  वे तो खुद बज उठेगी   गर बात होगी मेरी दमदार.  चाहत बस इतनी मेरी लोग पढ़े/समझे मेरे पैगाम. और करते रहे कमेंट सरेआम, वही होगा मेहनत का अंजाम. कहीं मोहब्बतें कही नफरतें, कहीं तालिया तो कहीं गालियां. कहीं जिक्र तो कहीं फिक्र, कहीं फ़िकरे तो कहीं फब्तियां. ये तो इंसानी फितरत है, जुदा खयाल हर हस्तियां. जिसके पास जो है वही तो देगा, फिर मैं क्यों खोऊ?अपनी मस्तियां. तजुर्बा ए जिंदगी को पेश करना मेरा जुनून है ये मेरा फ़र्ज़ ओ सुकून है. चाहत नहीं मुझे सस्ती शोहरत की , कद्रदानों की छोटी कतार से खुश रहता हूं बादशाह हूं अपनी मर्ज़ी का, लश्कर नहीं रखता हूं. दिल की कलम से  लोगों के दिलों पर राज करता हूं. हां में हां और जी हजूरी से परहेज़ है  मुझे,पर मुहब्बत में यकीन रखता हूं. ये दिल की आवाज है,  इसी से कलम में जान भरता हूं. ✒️दिनेश दोशी

अमरिका की ग्राम पंचायती...

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  आका बैठ बंकर में,   केवल हुक्म चलाते हैं।   मरते हैं वो मरने वाले,    ‌ इगो पोषते जाते है।।  छुप जाते है खुद  वो तो,   मुल्क डला बर्बादी में।  जलाते अपने ही देश को,   विकृत वादी प्रमादी में ।। हालत खराब है जनता की,     उन सारे सब देशों में। जो जो यौद्धिक दंश झेलते,    झांको उन अवशेषों में।।       सकल विश्व है चक्रव्यूह में ,       ये युद्ध दुष्प्रभावी है।    आम आदमी यही सोचता,     पता नहीं क्या  भावी है।। जिद्दी  सभी अड़ियल देश है,     सीखें कुछ वे मोदी से।  कैसी उनकी युद्ध निती है,    बनाते दबाव विरोधी पे।।   सबक सिखाए दुश्मन को‌,   अधिक नहीं नुकसानी थी।   लाल आंखें बता छोड़ दिया,      वो  एक परेशानी थी।।  अमरिका की ग्राम पंचायती,     खुली सामने आयी है,  गैर जिम्मेदार पाकिस्तान है,      भूख मरी वो छायी है ।  शांति प्रिय हमारे भारत की,  ...

आसमाँ से गिरे कुछ ख़्वाब,कुछ अरमान, अहमदाबाद की धरती पर बिछी दर्द की दास्तान।

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  ✈️✈️✈️✈️✈️ चीख उठी हर रूह,  हर दिल में मातम छाया, जब एक ही पल में, कुदरत ने सब मिटाया। ✈️✈️✈️✈️✈️ खुली आँखों में था  उड़ने का सपना सवाया, बेरहम हादसे ने,  हर ख्वाब को जलाया। ✈️✈️✈️✈️✈️ किसी माँ का लाल, किसी बहन का भाई, एक ही पल में ज़िंदगी  ने ली ऐसी अंगड़ाई। ✈️✈️✈️✈️✈️ फलक था लंबा चौड़ा, तकदीर ने उसे मोड़ा, हर साँस थम गई,  रिश्ता हर एक तोड़ा। ✈️✈️✈️✈️✈️ धुएं और चीखों के बीच,  दब गई बेकसूर आवाज़ें, कैसे सहें ये ग़म हम,  दिल की टूटी हुई साज़ें। ✈️✈️✈️✈️✈️ कई घरों में पसरा,  एक सन्नाटा गहरा, आंखे नम हैं,दिल  में दर्द का पहरा। ✈️✈️✈️✈️✈️ यादें बहुत बाकी हैं,  परआवाज़ें खामोश, समा गई कई लाशें  ज़मीं के आगोश। ✈️✈️✈️✈️✈️ "दर्द ए दिल" की ये बेरहम इंतेहा थी, कई मासूम बेगुनाह जिंदगी की "कहानी ए तबाह" थी ✈️✈️✈️✈️✈️ _✍🏻दिनेश दोशी_

नाकोड़ा ट्रस्टी महेन्द्र बागरेचा का अहमदाबाद दौरा — मैत्री वात्सल्य धाम का किया अवलोकन

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  अहमदाबाद, 18 जून: आज नाकोड़ा तीर्थ ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री महेन्द्रजी बागरेचा अहमदाबाद प्रवास पर पधारे। इस दौरान उन्होंने मैत्री वात्सल्य धाम का अवलोकन किया, जो विशेष रूप से साध्वी म.सा. के लिए एक शांत, सेवामय और स्वास्थ्यसुविधा युक्त उपाश्रय के रूप में कार्यरत है। यहां वे साध्वी म.सा. निवास करती हैं जो अस्वस्थ हैं, इलाज करवा रही हैं या विहार करने की स्थिति में नहीं हैं। धाम में उनके लिए डॉक्टर, दवाइयां, गर्म पानी, गोचरी, लाइब्रेरी और ICU जैसी विशेष चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। वर्तमान में करीब 200 साध्वी म.सा. यहाँ निवासरत हैं। भवन में 44 साध्वी म.सा. के लिए कमरे और 30 कमरे वैयावच्छ या इलाज हेतु पधारे यात्रियों के लिए हैं। महेन्द्रजी बागरेचा  स्वतंत्र पत्रकार दिनेश देवड़ा धोका के साथ वहा पहुचे । वहाँ के ट्रस्टी श्री अतुल भाई गांधी से भवन की संपूर्ण सेवाओं और प्रबंधन की जानकारी ली। इस दौरान जो बात सबसे विशेष रही  वो महेन्द्रजी बागरेचा द्वारा बताया कि नाकोड़ा ट्रस्ट की ओर से भी जल्द ही ऐसे दो संकुल बनाएं जाएंगे जहाँ एक साधु भगवंत और एक साध्वी भगवंत के लिए विशेष व्यवस्...

राजस्थान स्कूल की ओर से विमान हादसे के मृतकों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

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  अहमदाबाद (देवड़ा देवड़ा धोका) : 12 जून… एक ऐसी तारीख जिसे भूलना नामुमकिन है। एयर इंडिया की भीषण विमान दुर्घटना ने सैकड़ों परिवारों के सपनों को भी मलबे में दफना दिया। लगभग 250 से अधिक निर्दोष जिंदगियां, एक झटके में इस दुनिया को अलविदा कह गईं। इस हृदय विदारक घटना की टीस केवल उन परिवारों तक सीमित नहीं रही  उसने पूरे देश की आत्मा को रुला दिया। अहमदाबाद के शाहीबाग स्थित राजस्थान सेवा समिति द्वारा संचालित राजस्थान स्कूल के बच्चों और ट्रस्टियों ने जब मोमबत्तियाँ जलाकर मौन में सिर झुकाए खड़े होकर प्रार्थना की, तो ऐसा लगा मानो पूरी इंसानियत एक स्वर में विलाप कर रही हो। उन मासूम चेहरों की आँखों में आंसू नहीं, एक सवाल था  क्यों  होते है ऐसे भयानक हादसे ? कार्यक्रम में शहर की मेयर प्रतिभा जैन की उपस्थिति ने भी भावनाओं को और अधिक गहरा बना दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विजयभाई रूपाणी सहित सभी मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा की यह समय शब्दों का नहीं, संवेदनाओं का है। हम सब उस वेदना से जुड़े हैं, जो अनगिनत घरों में आज पसरी हुई है। कैंडल मार्च के दौरान जब सैकड़ों ...

सिवाना सेवा समिति, सूरत का वार्षिक स्नेह मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

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  सूरत, दिनांक 15 जून: सिवाना सेवा समिति, सूरत द्वारा आयोजित वार्षिक स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन तेरापंथ भवन, सिटी लाइट, सूरत में हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन में संस्था के सभी सदस्य परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति रही म्यूजिकल हाऊजी, जिसे श्री अरुण कानुंगा ने अत्यंत रोचक एवं अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया। इस मनोरंजक हाऊजी ने सभी उपस्थितजनों को झूमने पर मजबूर कर दिया। संगीतमय संध्या की शोभा बढ़ाई श्री विपुल छाजेड़ और श्री मनीष गुलेच्छा ने, जिन्होंने जैन स्तवन और भजन के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण रचा। वहीं, श्रीमती भावना छाजेड़ द्वारा प्रस्तुत नवकार मंत्र और गणेश वंदना ने समस्त श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। इस आयोजन का संदरूप लाभार्थी रहा: श्रीमान शा ओटमलजी मांगीलालजी मिलापचंदजी अमृतलालजी भरतकुमारजी अरुणकुमारजी दीपककुमारजी भावेशकुमारजी भव्यजी विवानजी युवानजी निकुंजजी एवं समस्त गोवर्धन गौत्र चौधरी परिवार (गढ़ सिवाना - सूरत - तैनाली) फर्म: राजेन्द्र स्टील, तैनाली कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष श्री सोहनजी...

सिवांची मालानी जैन संघ अहमदाबाद उत्तर का स्नेहमिलन समारोह हर्षोल्लासपूर्वक सम्पन्न*

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  अहमदाबाद - राजस्थान प्रान्त के सिवांची मालानी क्षेत्र के जैन समाज के प्रवासी बंधुओ के संगठन सिवांची मालानी जैन संघ अहमदाबाद उत्तर का स्नेहमिलन समारोह रविवार 15 जून को रुक्मणि बेन भावसार कम्युनिटी हॉल साबरमती में आयोजित हुआ जिसमे सिवांची मालानी क्षेत्र के प्रवासियों ने उत्साह व उमंगपूर्वक भाग लिया। संस्था के मीडिया प्रभारी मुकेश आर. कंकुचौपडा ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि संघ के अध्यक्ष राजेंद्र भंसाली , मंत्री भरत गोठी , कोषाध्यक्ष विजयराज चौपड़ा , स्नेहमिलन के लाभार्थी : दीपचंदजी जीरावला,  मूलचंदजी सालेचा , घेवरचंदजी तातेड़, रमेशजी बोकड़िया, अशोकजी मांडोत, पोष  दशमी लड्डू वितरण के लाभार्थी रूपचंदजी संकलेचा  आदि मंचासिन हुए । शैलेष पटवारी की मधुर वाणी से नमस्कार महामंत्र की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । अलका सालेचा, खुशाली भंसाली , समता सालेचा व रंजू सालेचा ने सुंदर मंगलाचरण व स्तवन की प्रस्तुति पेश की व मधुर वाणी से सभी को मंत्रमुग्ध किया । अध्यक्ष राजेंद्र भंसाली  ने स्वागत संबोधन दरम्यान सभी आगन्तुकों का स्वागत कर संघ की गतिविधियों  पर प...

अहमदाबाद विमान हादसे के घायलों की मदद के लिए राजस्थान सेवा समिति ने किया रक्तदान शिविर का आयोजन

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  विश्व रक्तदान दिवस पर मानवता को समर्पित अनुकरणीय पहल अहमदाबाद, 14 जून 2025 — हाल ही में शहर में हुई भयावह विमान दुर्घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। कई जिंदगियां असमय घायल हुईं और अस्पतालों में भर्ती इन लोगों के इलाज के लिए तत्काल रक्त की आवश्यकता महसूस की गई। ऐसे समय में शाहीबाग स्थित राजस्थान सेवा समिति ने आगे आकर जो कार्य किया, वह न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर समिति ने प्रथमा रक्त अधिकोष के सहयोग से एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य था — विमान हादसे में घायल लोगों के उपचार हेतु रक्त की आपूर्ति सुनिश्चित करना। आयोजन की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में नागरिक शिविर स्थल पर पहुंचे और स्वेच्छा से रक्तदान कर इस पुनीत कार्य में सहभागिता निभाई। लोगों के चेहरों पर न कोई संकोच था, न कोई दिखावा  केवल मदद करने का संकल्प था। शिविर की व्यवस्थाओं में समिति से जुड़े शिक्षकगण, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने पूरी निष्ठा से सहयोग किया। किसी ने पंजीकरण संभाला, तो किसी ने रक्तदाताओं को जूस और भेंट ...

JCI शाहीबाग का इंसानियत भरा कदम — दुर्घटना स्थल पर 24 घंटे चाय-नाश्ते की सेवा

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  अहमदाबाद में हाल ही में हुई विमान दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। ऐसे मुश्किल समय में JCI शाहीबाग संस्था ने एक सच्ची मानवता का परिचय दिया। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अशोकभाई बाफना खुद दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और देखा कि पुलिस अधिकारी, सेना के जवान, NDRF की टीम, AMC के कर्मचारी और कई स्वयंसेवी कार्यकर्ता दिन-रात लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। इनमें से कई लोग घंटों से बिना कुछ खाए-पिए बस अपने कर्तव्य निभा रहे थे। इस दृश्य को देखकर JCI शाहीबाग ने अहमदाबाद पुलिस की मदद से तुरंत एक सेवा कार्य शुरू किया — घटनास्थल पर 24 घंटे मुफ्त चाय-नाश्ते का काउंटर। इस काउंटर पर हर समय गरमा-गरम चाय, बिस्किट और हल्का नाश्ता उपलब्ध करवाया गया, ताकि सेवा में लगे लोगों को थोड़ी राहत और ऊर्जा मिल सके। यह सिर्फ एक चाय का स्टॉल नहीं था, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए एक सहारा था जो दिन-रात अपने फर्ज को निभा रहे थे। कोई ओहदे की परवाह नहीं, वहाँ हर किसी के लिए समान सेवा थी — बस एक भावना के साथ, "आप हमारे लिए खड़े हैं, हम आपके साथ खड़े हैं।" अशोकभाई बाफना और JCI शाहीबाग की यह पहल हर ...

चित्रलेखा फिल्म की धुन पर नैनमलजी द्वारा रचित स्तवन

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 कुछ दिन पूर्व FB पर नैनमलजी ने एक post पढ़ी थी, जिससे उन्हे ज्ञात हुआ कि हिंदी फिल्म संगीत के १०० सालमें  सर्व श्रेष्ठ गीत, " मन रे तु काहे न धीर धरे" है। यह गीत चित्रलेखा फिल्म के लिए साहिर लुधियानवी ने लिखा, महोमद रफी ने गाया और संगीत रोशन ने दिया था। इसी गीत की तर्ज वो  नैनमल जी द्वारा स्वरचित स्तवन साझा कर रहा हूं। इस पर प्रतिक्रिया जरूर दे ( तर्ज : मन रे तू कहे ना धीर धरे ) भव से श्री पारस पार करें, हैं आंखें करुणा के प्याले, मन के पाप हरें, भवसे मन मंदिर में प्रभु किरपा से, दूर हुआ अंधियारा, श्रद्धा दीप जला जीवन में, हुआ अजब उजियारा, भव भव के भय विसरे, भव से प्रभु के है उपकार अनेकों, पार कोई ना पाए, सुमिरन सुखकर है प्रभुका बिरला ध्यान लगाए, नैन में नीर भरे, भव से

गिरधर नगर में कल्याण मित्र परिवार का सेवा कार्यक्रम – मुमुक्षु चारित्र भाई, मुमुक्षु दीपिका बेन और शाश्वत के हाथों साधर्मिक परिवारों को बांटी गई आम की पेटियां

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  अहमदाबाद, गिरधर नगर: कल गिरधर नगर सोसाइटी में एक बेहद आत्मीय और सेवा-भाव से भरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कल्याण मित्र परिवार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुमुक्षु चारित्र भाई, मुमुक्षु दीपिका बेन और बाल मुमुक्षु शाश्वत के शुभ हाथों से साधर्मिक परिवारों को आम की पेटियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र के पावन जाप से हुई, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने अहमदाबाद में हुए हालिया विमान हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए मौन रखकर प्रार्थना की। इस भावुक क्षण ने सभी की आंखों को नम कर दिया। सेवा कार्यक्रम पूरी तरह नि:स्वार्थ भावना से आयोजित किया गया। इसमें किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार नहीं, बल्कि केवल जरूरतमंद साधर्मिकों के चेहरे पर मुस्कान लाने की भावना प्रमुख रही। कल्याण मित्र परिवार के सदस्यों ने यह संदेश दिया कि सेवा केवल दान देना नहीं, बल्कि अपनेपन और सहयोग की भावना को निभाना है। इस कार्यक्रम में स्थानीय समाजजनों की भी अच्छी भागीदारी रही। सभी ने इस पहल की खूब ...

हर रात शहर की सड़कों पर निकलती हैं मीना बेन विजय भाई जसनानी — अबोल प्राणियों की सेवा में समर्पित एक नारी

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  अहमदाबाद। जब रात का सन्नाटा शहर पर छा जाता है और सड़कें सूनी हो जाती हैं, ऐसे समय में एक महिला हर दिन की तरह अपने सेवा-कार्य में निकल पड़ती है। नाम है मीना बेन जसनानी — एक साधारण सी महिला, लेकिन असाधारण जीवदया भावना से भरी हुई। मीना बेन न तो किसी संस्था से जुड़ी हैं, न किसी प्रचार की भूखी हैं। वे अपनी मेहनत की पगार से अबोल प्राणियों के लिए भोजन की व्यवस्था करती हैं और हर रात शहर के कई इलाकों में जाकर भूखे कुत्तों को बिस्कुट, पनीर और दही जैसी चीज़ें खिलाती हैं। स्वतंत्र पत्रकार दिनेश देवड़ा धोका से बातचीत में उन्होंने बताया , "इन जानवरों के पास बोलने की ताक़त नहीं होती, लेकिन इनकी आंखें बहुत कुछ कहती हैं। जब ये मेरे पास आकर पूंछ हिलाते हैं और खाना खा लेते हैं, तो मेरी सारी थकान दूर हो जाती है। यही मेरी पूजा है।" मीना बेन जैन धर्म की अनुयायी नहीं हैं, लेकिन अहिंसा और जीवदया जैसे सिद्धांतों पर उनकी गहरी आस्था है। उनका मानना है कि धर्म का असली रूप वही है, जो करुणा और सेवा से जुड़ा हो। हाल ही में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की बात करते हुए वे भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि हाद...