राजस्थान स्कूल की ओर से विमान हादसे के मृतकों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि
अहमदाबाद (देवड़ा देवड़ा धोका) :
12 जून… एक ऐसी तारीख जिसे भूलना नामुमकिन है। एयर इंडिया की भीषण विमान दुर्घटना ने सैकड़ों परिवारों के सपनों को भी मलबे में दफना दिया। लगभग 250 से अधिक निर्दोष जिंदगियां, एक झटके में इस दुनिया को अलविदा कह गईं। इस हृदय विदारक घटना की टीस केवल उन परिवारों तक सीमित नहीं रही उसने पूरे देश की आत्मा को रुला दिया।
अहमदाबाद के शाहीबाग स्थित राजस्थान सेवा समिति द्वारा संचालित राजस्थान स्कूल के बच्चों और ट्रस्टियों ने जब मोमबत्तियाँ जलाकर मौन में सिर झुकाए खड़े होकर प्रार्थना की, तो ऐसा लगा मानो पूरी इंसानियत एक स्वर में विलाप कर रही हो। उन मासूम चेहरों की आँखों में आंसू नहीं, एक सवाल था क्यों होते है ऐसे भयानक हादसे ?
कार्यक्रम में शहर की मेयर प्रतिभा जैन की उपस्थिति ने भी भावनाओं को और अधिक गहरा बना दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विजयभाई रूपाणी सहित सभी मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा की
यह समय शब्दों का नहीं, संवेदनाओं का है। हम सब उस वेदना से जुड़े हैं, जो अनगिनत घरों में आज पसरी हुई है।
कैंडल मार्च के दौरान जब सैकड़ों छात्र मौन होकर मृतकों के नाम पर मोमबत्तियाँ थामे थे, तब सन्नाटा भी चीख रहा था।
हर मोमबत्ती एक नाम थी, एक चेहरा था, एक सपना था… जो अब कभी लौटकर नहीं आएगा।
इस कार्यक्रम में को- चेयरमैन बाबूलालजी शेखाणी, सेक्रेटरी दीपचंदजी बाफना,सह-मंत्री राजेन्द्र बागरेचा, ट्रस्टी अशोकजी बाफना, महेशभाई छाजेड़, विजयवर्गीय सहित अन्य गणमान्य जन, स्कूल स्टाफ व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
यह केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं थी
यह एक मौन पुकार थी हर उस मां की जो अपने बेटे को विदा नहीं कर सकी,
हर उस पिता की जो अपने बच्चों की तस्वीरें लिए सड़कों पर भटक रहा है,
हर उस बच्चे की जो अब कभी अपने माता-पिता की गोद में नहीं खेल पाएगा।
राजस्थान स्कूल प्रशासन ने कहा की
संवेदना कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि वह पुल है, जो एक हृदय को दूसरे से जोड़ता है वो भी बिना किसी जात, धर्म या राज्य की दीवार के।




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