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राजस्थान-गुजरात के बीच 116 किमी लंबी नई रेल लाइन, 15 स्टेशनों और 13 सुरंगों का होगा निर्माण

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  राजस्थान से गुजरात की यात्रा को और सुगम बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने 116 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। यह रेलमार्ग न केवल यातायात को आसान बनाएगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। अंबाजी-आबूरोड-तारंगा हिल के बीच इस रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिसका कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस परियोजना की लागत करीब 28 अरब रुपये है और इसके तहत सिविल व ट्रैक कार्यों के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। परियोजना के अंतर्गत 13 सुरंगों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर होगी। ये सुरंगें उधमपुर-कटरा रेल परियोजना की तरह अत्याधुनिक न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से बनाई जाएंगी। इसके अलावा, आबूरोड ब्लॉक के सुरपगला गांव के पास देश के सबसे ऊंचे रेलवे पुलों में से एक 80 मीटर ऊंचे पुल का निर्माण होगा। रेलवे की इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना से राजस्थान के सिरोही और गुजरात के मेहसाणा, साबरकांठा व बनासकांठा जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। धार्मिक दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। अंबाजी शक्तिपीठ, तारंगा हिल और आबूरोड जैसे तीर्थस्थलों को रेल क...

सम्राट विक्रमादित्य और जैन धर्म:- डा.दिलीप धींग

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  प्रकाशनार्थ :  संदर्भ : भारतीय नववर्ष और विक्रम संवत् 2082 का प्रारंभ, 30 मार्च, रविवार डॉ. दिलीप धींग  (पूर्व निदेशक : अंतरराष्ट्रीय प्राकृत केन्द्र) भारतीय काल गणना में विक्रम संवत् एक बहुप्रचलित संवत् है । भारतवर्ष के प्रतापी सम्राट  विक्रमादित्य ने इस संवत् का प्रवर्तन किया था। विक्रम संवत् का प्रवर्तन भगवान महावीर निर्वाण  संवत् के 470 वर्ष बाद तथा ईस्वी सन् से 57 वर्ष पूर्व हुआ था। भारत में ग्रेगोरियन कैलेंडर के  साथ शक संवत् और विक्रम संवत् का प्रयोग भी किया जाता है । नेपाल में भी सरकारी कैलेंडर  के रूप में विक्रम संवत् का प्रयोग किया जाता है । यह एक चंद्र कैलेंडर है । इसमें समय के लिए  चंद्रमास और नक्षत्र वर्ष का प्रयोग किया जाता है । अन्य अनेक संवतों के बीच विक्रम संवत् की लोकप्रियता और व्यापक स्वीकार्यता के अनेक  कारण हैं। इसमें एक कारण राजा विक्रमादित्य का न्यायप्रिय, उदार और उपकारी व्यक्तित्व भी  है । इतिहासकारों, विद्वानों और साहित्यकारों ने अनेक तथ्यों के आधार पर विक्रमादित्य को  जैनधर्मानुयायी सम्राट् बताया है। विक्...

नवकार महामंत्र जाप का भव्य समापन: विश्व मंगल की भावना से गूंज उठा कुशल वाटिका प्रांगण

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  अहमदाबाद, 27 मार्च 2025 – विश्व नवकार महामंत्र दिवस के पावन उपलक्ष्य में, जैन समाज की प्रतिष्ठित संस्था जीतो (JITO) अहमदाबाद के मार्गदर्शन में आज कुशल वाटिका , शाहीबाग में एक दिव्य आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। सिवाना सेवा समिति अहमदाबाद और कुशल वाटिका संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस नवकार महामंत्र जाप कार्यक्रम में श्रद्धा और भक्ति की अनुपम छटा देखने को मिली। सैकड़ों श्रद्धालु जब भोर की पावन वेला में एकत्र हुए और नवकार महामंत्र का सस्वर जाप किया , तो पूरा वातावरण दिव्यता से आलोकित हो उठा। सुबह 7 बजे से 8 बजे तक चले इस भक्तिमय आयोजन में जब श्रद्धालु एक स्वर में "णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं..." का जाप करने लगे, तो संपूर्ण प्रांगण मानो जिनशासन के दिव्य स्वरूप का प्रतिबिंब बन गया। मंत्रों की अनुगूंज से हर हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ और वातावरण में विश्व शांति, आत्मशुद्धि और मोक्ष की दिव्य भावना जाग्रत हो उठी। श्रद्धालुओं ने इस महामंत्र की महिमा को आत्मसात करते हुए, इसे न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम बताया, बल्कि इसे जीवन का आधार बनाने का सं...