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जैन संतों पर हमले के विरोध में जोधपुर मे मौन जुलूस, बड़ी संख्या में समाजजन शामिल

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मध्य प्रदेश के नीमच जिले के सिंगोली थाना क्षेत्र के कछाला गांव में दो दिन पहले उस वक्त सनसनी फैल गई जब बालाजी मंदिर में विश्राम कर रहे तीन जैन संत – मुनि शैलेष मुनि जी, बलभद्र मुनि जी और मुनींद्र मुनि जी – पर रात को कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। इस हमले में संतों को गंभीर चोटें आईं, जिससे पूरे देशभर के जैन समाज में गहरा आक्रोश है। इस घटना के विरोध में बुधवार को जोधपुर में समग्र जैन समाज की ओर से शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला गया। महावीर कॉम्प्लेक्स, सरदारपुरा से शुरू होकर यह जुलूस कलेक्ट्रेट तक पहुंचा, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं शामिल हुईं। पुरुष सफेद वस्त्रों में और महिलाएं लाल चुंदड़ी ओढ़े हुए पूरे अनुशासन के साथ जुलूस में शामिल रहीं। सभी ने हाथों में तख्तियां लेकर शांति, सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को दर्शाया। समाज की ओर से मांग रखी गई कि साधु-संतों के विहार के दौरान उनकी सुरक्षा पुख्ता की जाए और इस घटना में शामिल आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य ...

जावद में संतो पर हमला करने वाले आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने हथकड़ी लगाकर कराया रोड मार्च और मंगवाई माफी

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  जावद (म.प्र.) – जावद नगर में संतो पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला किसी निजी रंजिश या आपसी विवाद के चलते हुआ था, जिसे कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर तूल देने की कोशिश की। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को हथकड़ी लगाकर पूरे नगर में रोड मार्च कराया, जिससे आम जनता में एक स्पष्ट संदेश गया कि धार्मिक संतों या किसी भी समुदाय के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों से सार्वजनिक रूप से माफी भी मंगवाई। नगर के प्रमुख चौराहों पर रुक-रुककर पुलिस ने लोगों को घटना के बारे में जानकारी दी और लोगों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की। एसडीओपी और थाना प्रभारी की अगुवाई में हुए इस रोड मार्च में नगरवासियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता दिखाई। समाज के प्रबुद्धजनों और धार्मिक संगठनों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की और ऐसी घटनाओं पर सख्ती से निपटने की मांग की। – विशेष संवाददाता, सूत्रों के हवाले से

जावद (म.प्र.): जैन मुनियों पर जानलेवा हमला, जैन समाज में आक्रोश, नगर बंद का ऐलान

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  मध्य प्रदेश के नीमच जिले के सिंगोली थाना क्षेत्र के कछाला गांव में रविवार रात एक दर्दनाक घटना घटी, जब जैन समाज के तीन साधु – मुनि शैलेष मुनि जी, बलभद्र मुनि जी और मुनींद्र मुनि जी – पर कुछ असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला किया। ये तीनों मुनि कछाला गांव स्थित एक हनुमान मंदिर में विश्रामरत थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देर रात लगभग 12 बजे तीन बाइकों पर सवार छह बदमाश, जो शराब के नशे में धुत थे, मंदिर परिसर में पहुंचे। उन्होंने पहले मुनियों से रुपयों की मांग की और जब मुनियों ने इनकार किया तो उन्होंने लाठियों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। हमले में तीनों मुनि घायल हुए, लेकिन धार्मिक मर्यादा के कारण उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। फिलहाल उन्हें निकटस्थ जैन स्थानक भवन में चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में जैन समाज में भारी आक्रोश फैल गया। समाज ने नगर बंद का ऐलान कर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी सभी छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया ह...

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, मदुरै की नई कार्यकारिणी का गौरवशाली गठन विजराज श्रीश्रीमाल बने अध्यक्ष, शांतिलाल गुलेच्छा को मंत्री पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

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  मदुरै, तमिलनाडु। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, मदुरै के तत्वावधान में रविवार को वार्षिक आम सभा का भव्य आयोजन हुआ। सभा का शुभारंभ परम मंगलकारी नमस्कार महामंत्र के पवित्र उच्चारण से हुआ, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया। संघ प्रवक्ता दिनेश सालेचा ने जानकारी देते हुए बताया कि सभा में वर्तमान अध्यक्ष नेमीचंदजी बाफना ने सभी संघजनों का आत्मीय स्वागत किया, वहीं कोषाध्यक्ष धनराजजी चौपड़ा ने संघ की वित्तीय स्थिति का संपूर्ण लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, जिससे संघ की आर्थिक मजबूती का परिचय मिला। सभा का संचालन बड़ी कुशलता और गरिमामय ढंग से वर्तमान मंत्री बाबूलालजी सुराणा द्वारा किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर वर्ष 2025-26 के लिए संघ की नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा हुई, जिसमें सर्वसम्मति से समाज के समर्पित और योग्य पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। संघ के संरक्षक के रूप में तिलोकचंदजी एवं नेमीचंदजी बाफना को मनोनीत किया गया, जबकि अध्यक्ष पद का गौरवशाली उत्तरदायित्व विजराजजी श्रीश्रीमाल को सौंपा गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सायरमलजी भंडारी और उपाध...

पश्चिम रेलवे की सौगात: होली और गर्मियों में यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें

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  पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और होली तथा गर्मी के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद मंडल से होकर गुजरने वाली तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें विशेष किराए पर चलाई जाएंगी। पहली ट्रेन बान्द्रा टर्मिनस-बीकानेर स्पेशल (साप्ताहिक) है, जो कुल आठ फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 04714 हर शुक्रवार शाम 4:00 बजे बान्द्रा टर्मिनस से प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 2:30 बजे बीकानेर पहुंचेगी। इस ट्रेन का संचालन 7 मार्च से 28 मार्च, 2025 तक किया जाएगा। वापसी में ट्रेन संख्या 04713 हर गुरुवार दोपहर 3:00 बजे बीकानेर से चलेगी और अगले दिन दोपहर 1:40 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुंचेगी। इसका संचालन 6 मार्च से 27 मार्च, 2025 तक किया जाएगा। यह ट्रेन बोरीवली, वापी, उधना, वडोदरा, साबरमती, महेसाणा, जोधपुर सहित प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकंड क्लास कोच उपलब्ध होंगे। दूसरी ट्रेन बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी स्पेशल (साप्ताहिक) है, जिसका भी कुल आठ बार संचालन होगा। ट्रेन संख्या 04828 हर रविवार सुबह 10:30 बजे ...

पन्यास चंद्रशेखर विजय जी महाराज साहेब: एक युगप्रेरक व्यक्तित्व

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  गुरुमा को अवतरण दिवस पर  सादर नमन पन्यास चंद्रशेखर विजय जी महाराज साहेब (18 फरवरी 1934 – 8 अगस्त 2011) का जीवन एक ऐसा आलोक स्तंभ था, जिसने धर्म, संस्कृति और समाज सेवा की राह को उजागर किया। उन्हें सम्मानपूर्वक "गुरुदेव" और "गुरुमा" के नाम से भी जाना जाता था। उनका जन्म विक्रम संवत 1990, फाल्गुन सुद 5 को मुंबई  में हुआ। उनके माता-पिता सुभद्राबेन और कांतिलाल जीवातलाल प्रतापशी थे, जिनकी पारिवारिक जड़ें गुजरात के राधनपुर (बनासकांठा जिला) से जुड़ी थीं। जन्म के समय उनका नाम इंद्रवदन रखा गया था। बचपन से ही उनके भीतर आध्यात्मिकता और समाज के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। इंद्रवदन जी की शिक्षा मैट्रिक तक हुई, लेकिन उनकी दृष्टि संसार की भौतिक सीमाओं से परे थी। आध्यात्मिक ज्ञान की तलाश उन्हें आचार्य प्रेमसुरी जी महाराज के चरणों तक ले गई। 15 मई 1952 (विक्रम संवत 2008, वैशाख वद 6) को मुंबई के भायखला स्थित मोतीशा जैन ऑडिटोरियम में उन्होंने जैन मुनि की दीक्षा ग्रहण की और उन्हें नया नाम मिला चंद्रशेखर विजय। उनके साधना-पथ की निष्ठा और विद्वत्ता को देखते हुए 2 दि...