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निर्मल जैन को समर्पित कविता shivshakti market surat fire incident

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  आग ने चाहा, सपनों को मिटा दे, मेहनत के फूलों को राख बना दे। पर हिम्मत की दीवार गिरती नहीं, शिवशक्ति की रौनक कभी मरती नहीं। जो खो गया, वो फिर से बनेगा, हर अंधेरा एक दिन छंटेगा। लेकिन इस कठिन घड़ी में, जो साथ खड़े, वही इंसान सच्ची मिसाल बने। साकेत मार्केट के निर्मल जैन ने बढ़ाया हाथ, संकट में बन गए उम्मीद की बात। अपनी दुकानों को निशुल्क समर्पित कर दिया, पीड़ित व्यापारियों का दुख हर लिया। यह सेवा, यह समर्पण, यह भावना महान, हर दिल में जलाएगी उम्मीद की जान। जो जल गया, वो फिर खड़ा होगा, हौसलों का सूरज फिर बड़ा होगा। निर्मल जैन की राह पर और लोग भी चलेंगे, साथ मिलकर नई दुनिया रचेंगे। एक कदम उनका, सौ कदम दूसरे भी बढ़ाएंगे, सहयोग से व्यापार फिर मुस्काएंगे। जो दीप उन्होंने जलाया है, हर मन में नया विश्वास आया है। सहयोग की ये लहर अब थमेगी नहीं, शिवशक्ति की रौनक कभी रुकेगी नहीं।

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: share market

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  सेंसेक्स 1,414 अंक टूटा, निफ्टी 22,125 के नीचे – निवेशकों के 7 लाख करोड़ डूबे शुक्रवार को शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,414 अंक गिरकर 73,198 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 420 अंक टूटकर 22,124 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट से निवेशकों के करीब 7 लाख करोड़ रुपये डूब गए। पूरे हफ्ते बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिससे छोटे-बड़े सभी निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की नई व्यापार नीतियां मानी जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको, कनाडा और चीन पर नए टैक्स (टैरिफ) लगाने की बात कही है, जिससे दुनियाभर के बाजारों में हलचल मच गई है। इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था के ताज़ा आंकड़े आने वाले हैं, जिससे घरेलू निवेशक भी सतर्क हो गए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत ने भी विदेशी निवेशकों की टेंशन बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। सेंसेक्स में शामिल कई बड़े शेयरों में भारी गिरावट रही। IndusInd Bank का शेयर 7%, Tech Mahi...

कालूपुर रेलवे स्टेशन बनेगा देश का गौरव: 2027 तक पूरा होगा भारत का सबसे आधुनिक स्टेशन AHMEDABAD RAILWAY STATION

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  कालूपुर रेलवे स्टेशन बनेगा देश का गौरव: 2027 तक पूरा होगा भारत का सबसे आधुनिक स्टेशन भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। अहमदाबाद का कालूपुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 फरवरी 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास परियोजना का शुभारंभ किया था, जिसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार ने देश के तीन प्रमुख रेलवे स्टेशनों—अहमदाबाद, मुंबई और नई दिल्ली—के पुनर्विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इनमें अहमदाबाद का कालूपुर स्टेशन सबसे महत्वपूर्ण है, जहां रोजाना 1.25 लाख से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। इस परियोजना के पूरा होने पर यह स्टेशन भारत की परिवहन व्यवस्था में एक नई क्रांति लेकर आएगा और देश के गौरव का प्रतीक बनेगा। स्टेशन को मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब (MMTH) में बदलने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। यहां बनने वाले दो 16 मंजिला टावर रेलवे के भविष्य की झलक देंगे। साउथ टावर में रेलवे अधिकारियों के लिए अ...

गुजरात बोर्ड परीक्षा 2025: बच्चों की सफलता में समाज का साथ GSEB 10TH 12TH BOARD EXAM

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  गुजरात बोर्ड परीक्षा 2025: बच्चों की सफलता में समाज का साथ अहमदाबाद: गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSEB) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं पूरे राज्य में उत्साह और उम्मीदों के साथ शुरू हो चुकी हैं। इस वर्ष लगभग 14.30 लाख विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। अहमदाबाद से 1.04 लाख छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। यह केवल छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि वे इन युवाओं का हौसला बढ़ाएं और उनकी राह को आसान बनाएं। कई छात्र ऐसे हैं, जिन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय संस्थाएं और नागरिक अपने साधनों से इन बच्चों की सहायता कर सकते हैं। कई शहरों में स्वयंसेवी समूहों ने निःशुल्क परिवहन सेवा शुरू की है, ताकि किसी भी छात्र को दूरी के कारण परीक्षा से वंचित न होना पड़े। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर समाज का सहयोग भी देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर बच्चों का स्वागत गुलाब के फूलों से किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। वहीं, कई स्वयंसेवी संगठनों ने छात्रों के लिए ठंडे ...

महाकुंभ 2025: आस्था, संस्कृति और समरसता का भव्य संगम MAHAKUMBH 2025

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 महाकुंभ 2025: आस्था, संस्कृति और समरसता का भव्य संगम प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। 144 वर्षों में एक बार आने वाला यह महापर्व न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बना, बल्कि देश-विदेश की विशिष्ट हस्तियों की उपस्थिति ने इसकी भव्यता को और अधिक बढ़ाया। इस महाकुंभ में देश-विदेश से आए 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। प्रमुख स्नान पर्वों—मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और महाशिवरात्रि पर संगम तट पर 5-7 करोड़ श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखी गई, जिससे यह महाकुंभ अब तक का सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन बन गया। महाकुंभ 2025 में न केवल आम श्रद्धालु, बल्कि देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से इस पावन पर्व की महत्ता को और अधिक बढ़ाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगम में पवित्र स्नान कर राष्ट्र की शांति और समृद्धि की कामना की, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई मौकों पर स्नान कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्...

आग का कहर: सूरत के टेक्सटाइल मार्केट में करोड़ों का नुकसान, व्यापारियों के सपने जलकर राख SHIVSHAKTI MARKET SURAT FIRE

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 सूरत: शिवशक्ति टेक्सटाइल मार्केट में भीषण आग, 13 घंटे बाद भी बेकाबू – व्यापारियों की मेहनत जलकर हुई राख सूरत का शिवशक्ति टेक्सटाइल मार्केट आज विनाश की भयानक तस्वीर पेश कर रहा है। इस मार्केट में लगी भीषण आग पर 13 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी काबू नहीं पाया जा सका है। आग की भयावहता इतनी है कि सूरत समेत आसपास के कई शहरों की फायर ब्रिगेड टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से विशेषज्ञ बुलाकर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर है। इस मार्केट में लगभग 853 दुकानें हैं, जिनमें से अधिकांश दुकानों में रखा करोड़ों का सामान जलकर राख हो गया है। वर्षों की मेहनत और सपनों को अपनी आंखों के सामने जलते हुए देख व्यापारियों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। कोई अपने परिवार की रोजी-रोटी के लिए चिंतित है, तो कोई अपने जीवनभर की पूंजी के स्वाहा होने से सदमे में है। जिन दुकानों में कभी कारोबार की रौनक थी, आज वहां केवल राख और सन्नाटा पसरा है। व्यापारियों का दर्द इस हादसे में साफ झलकता है। कई लोगों ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई इस बाजार म...

जयमंगल रेजिडेंसी में आचार्यश्री की निश्रा में श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत संध्या भक्ति संपन्न

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 परम श्रद्धेय आचार्य भगवंत यशोवर्म सूरीश्वर जी महाराजा, जिन्होंने गिरधर नगर जैन संघ में अपना यशस्वी चातुर्मास संपन्न किया था,  शंखेश्वर साम्राज्य में एक भव्य उपधान तप की आराधना संपन्न करवाने के पश्चात पुनः गिरधर नगर जैन संघ में एक दिवसीय प्रवास पर पधारे। उनके शुभ चरणों की पुनः आहट से संपूर्ण संघ में आनंद की लहर दौड़ गई। इस पावन अवसर पर धर्म की दिव्य गूंज ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत कर दिया। गाजते-वाजते, भव्य स्वागत यात्रा के साथ आचार्य भगवंत का संघ में प्रवेश हुआ।संघ की गलियां जयकारों से गुंजायमान हो उठीं और वातावरण धर्ममय बन गया। इस शुभागमन ने संघजनों के मन में एक नई ऊर्जा का संचार किया। आचार्य भगवंत की निश्रा में नन्हे-मुन्ने उपधान तप आराधकों ने अपने अनुभवों को जब संघ के समक्ष प्रस्तुत किया, तो उनकी निष्कलंक भक्ति और दृढ़ तपशक्ति ने सभी का मन मोह लिया। बाल तपस्वियों की मासूम वाणी में समाहित आत्मशक्ति के अनुभवों ने संघजन को भावविभोर कर दिया और धर्म साधना के प्रति समर्पण की भावना को और भी प्रगाढ़ बना दिया। गिरधर नगर जैन संघ में आचार्य भगवंत के आगमन ने धर्म और ...

"सुधार की दुहाई, आचरण में ढिलाई" poetry

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"सुधार की दुहाई, आचरण में ढिलाई"  दुहाई देते है अक्सर हम, सब समाज सुधार की मण भर पर वेस्टर्न कल्चर के चलते, अमल में नहीं ला पाते कण भर मंदिर जाना,धार्मिक क्रिया, तपस्या तो करते है बढ़ चढ़ कर पर आडंबर,फिजूलखर्ची,    प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं हम रत्ती भर खोखले ढुलमुल नियम बनाकर बन गए हम सुधारक ठीक से पालन नहीं हुआ, कहां है हमारे नियामक ✍🏻दिनेश दोशी

शाहीबाग अहमदाबाद में आचार्य भगवंत यशोवर्म सूरिश्वरजी महाराजा का भव्य आगमन

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  आज शाहीबाग, अहमदाबाद में परम श्रद्धेय आचार्य भगवंत यशोवर्म सूरिश्वरजी महाराजा का भव्य स्वागत हुआ। आदेश्वर टॉवर से गाजते-बाजते हुए आचार्यश्री गिरधर नगर जैन संघ में पधारे। संघ में प्रवेश के पश्चात उन्होंने सर्वप्रथम जिनालय में दर्शन किए और वहां उपस्थित श्रद्धालुओं को मांगलिक प्रवचन की अमृतवाणी से लाभान्वित किया। अपने प्रेरणादायी प्रवचन में आचार्यश्री ने कहा कि "ऋषभराज्य (गिरधर नगर) से शंखेश्वर साम्राज्य तक की अवधि में हर कदम पर गिरधर नगर के श्रावक-श्राविकाओं की सहभागिता रही है।" उन्होंने शंखेश्वर साम्राज्य में संपन्न हुए उपधान तप की विशेष रूप से सराहना की। इस तप में गिरधर नगर जैन संघ से लगभग 35 आराधकों ने भाग लिया था, जिनमें से 15 से 20 छोटे तपस्वी भी शामिल थे। आचार्य भगवंत ने प्रवचन के दौरान उपधान तप के आराधकों का श्री संघ द्वारा बहुमान कर अनुमोदना की। संघ द्वारा विशेष रूप से उन आराधकों का सम्मान किया गया जिन्होंने तपस्या में संलग्न होकर धर्म की साधना की मिसाल पेश की। सम्मान स्वरूप आराधकों को तिलक, माला, श्रीफल व कवर देकर बहुमान किया गया। प्रवचन में आचार्य भगवंत ने गिरधर नगर...

श्री नाकोड़ा तीर्थ पर वर्षीतप पारणा महोत्सव का विशेष आमंत्रण

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  वैशाख सुदी 3, बुधवार, 30 अप्रैल 2025 (अक्षय तृतीया) को श्री नाकोड़ा तीर्थ की पावन धरा पर भव्य वर्षीतप पारणा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। प्रभु श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ और अधिष्ठायक श्री नाकोड़ा भैरव देव की कृपा के साक्षी बनने का यह स्वर्णिम अवसर सभी तपस्वियों के लिए विशेष आह्वान है। वर्षभर की तपस्या का पुण्य-समापन वह  नाकोड़ा तीर्थ की चमत्कारी भूमि पर करे, जहां हर आराधक को मिलता है प्रभु का आशीर्वाद और भैरव देव की अलौकिक शक्ति। अक्षय तृतिया के दिन प्रातः 7:00 बजे भव्य वर्षीतप वरघोड़ा का आयोजन होगा, इसके पश्चात प्रातः 8:30 बजे तपस्वियों द्वारा इक्षुरस से पावन पक्षाल किया जाएगा। प्रातः 9:00 बजे भक्तामर पूजन के माध्यम से भक्ति और दिव्यता का संगम होगा, और अंततः प्रातः 10:00 बजे (नई भोजनशाला में) वर्षीतप पारणा का शुभ आयोजन होगा, जो तप की पूर्णाहुति का पावन क्षण बनेगा। श्री नाकोड़ा तीर्थ वह दिव्य स्थल है, जहां हर आराधक की साधना को सिद्धि मिलती है। यहाँ के कण-कण में प्रभु की कृपा और भैरव देव की असीम शक्ति संचित है। यह वही पावन धरा है, जहाँ एक बार आने पर भक्त जीवनभर के लिए आशीर्व...

*श्री मुनिसुव्रत स्वामी चौमुखी जिनालय सांगली का ध्वजारोहण संपन्न* news by mahavir bhansali

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श्री जैन श्वेताम्बर अमिझरा पार्श्वनाथ देहरासर ट्रस्ट के तत्वावधान मे श्री कल्याणकर मुनिसुव्रत स्वामी चौमुखी जिनालय की प्रथम वर्षगांठ और ध्वजारोहण गच्छाधिपति आ.श्री कल्पतरु सूरीश्वरजी के आज्ञानुवर्ती सा.श्री कल्पज्ञाश्रीजी म.सा.की पावन निश्रा में हर्षोल्लास से संपन्न हुआ।     प्रथम वर्षगांठ मे त्रिदिवसीय महोत्सव का आयोजन किया गया, 23 फरवरी को प्रथम दिन सुबह गिरनार भाव यात्रा रखी गई ,जिसमें गुंटूर से पधारे अमित सालेचा ने अपने भावों से संवेदना की  प्रस्तुती दी और साथ में संगीतकार हर्षित शाह मुंबई ने जोरदार संगीत की रमझट लगाकर लोगों को गिरनार तीर्थ की स्पर्शना करवाई, उसी दिन दोपहर को श्री मुनीसुव्रत स्वामी पंचकल्याणक पूजा रखी गई शाम को परमात्मा की भक्ति का आयोजन किया गया, द्वितीय दिवस सुबह जिनालय में सभी जिनबिंबो का 18 अभिषेक किया गया और शाम को परमात्मा की भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। तृतीय दिवस तारीख 25 फरवरी मुख्य ध्वजा के दिन सुबह सतरभेदी पूजा बनाई गई और मुनीसुव्रत स्वामी ध्वजा के लाभार्थी स्व.सुरेश भाई पुखराजजी जैन और सविता बेन डोसालाल मकीम परिवार और कवलापुर ऋषभदेव भगव...

संत उसी को मानिए poetry 3D news

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विषय: संत उसी को मानिए   संत उसी को मानिए,  जिसकी सुदेश‌ सोच। सरल तरल जीवन रहें, वाणी में हो लोच।१। संत उसी को मानिए, तप जप में हो लीन । करें आत्म कल्याण वो,  लेवे ज्ञान महीन।२। संत उसी को मानिए, करता चिंतन ध्यान। राग द्वेष से दूर रह,  अर्जित करता ज्ञान।३। संत उसी को मानिए,  रहे क्रोध से दूर। चाहे झेले प्रचुर वो, परिषह कितने क्रूर।४। संत उसी को मानिए,   कभी न करें विद्वेष। नहीं बैर हो किसी से,  बहे करुणा अशेष।५। स्वरचित: अशोक दोशी

होटल विशाला मे सिवाना मित्रो का मिलन

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 सिवाना के मित्रों ने अहमदाबाद में  राजस्थानी संस्कृति का उठाया लुत्फ़ अहमदाबाद के सरखेज स्थित विशाला होटल में सिवाना के मित्रों ने एक यादगार पारंपरिक राजस्थानी भोजन समारोह का आयोजन किया। इस आयोजन में सभी मित्रो ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया, बल्कि समृद्ध राजस्थानी संस्कृति और लोक परंपराओं की जीवंत झलक भी देखी। कार्यक्रम की शुरुआत राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ हुई। जैसे ही सभी का आगमन हुआ, "राम-राम सा" और "गणी खम्मा" जैसे पारंपरिक सम्बोधनों के साथ गुलाब का फुल देकर आत्मीय स्वागत किया गया। होटल के सभी कर्मचारी राजस्थानी वेशभूषा में सुसज्जित थे, जिससे पूरा माहौल एक पारंपरिक राजस्थानी गांव जैसा प्रतीत हुआ। राजस्थानी लोकधुनों पर थिरकते कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। गरिमा और उल्लास से भरपूर इस आयोजन में सभी मित्रो ने भी सामूहिक गरबा कर लोक संस्कृति का आनंद लिया। कठपुतली नृत्य और अन्य लोककला प्रस्तुतियों ने पुरानी परंपराओं की जीवंतता को साकार कर दिया। भोजन की व्यवस्था भी पूरी तरह से पारंपरिक थी। ज़मीन पर पाट बिछाकर पत्तल और दोने में शु...

अलौकिक जगत की छटा

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जीवन का यथार्थ शब्द :अलौकिक जगत विधा :दोहा छटा अलौकिक प्रकृति की,विस्मित हैं हम देख  गजब रचा किसने इसे  ,सृजित किया आरेख ।१। जगत अलौकिक जान ले,जानें इसके भेद।  कोई सुख से जी रहा, किसी अंग में  खेद ।२। जान कर्म के भेद को,जान जगत जंजाल। आत्म अलौकिक ज्ञान से,निज को तूं संभाल।३। स्वरचित: अशोक दोशी

भाव अशुभ शुभ हो पहले POETRY

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  *भाव अशुभ शुभ हो पहले* भाव अशुभ शुभ हो पहले, शुद्ध बने मन ऐसी आस।  सच्चा धर्म करे जो पालन, समता रहती जिसके पास।। ज्ञानी तब कहलाता कोई, जीवन में उतरे जब ज्ञान। मात्र रटी हो जिसने पोथी, मिलता कैसे उसको मान।। पानी पास पड़ा रहने से, मिट जाती क्या उससे प्यास। सच्चा घर्म करे...।। बैठे मंदिर मस्जिद जाकर, हो जाता क्या उससे धर्म। व्यवहार नहीं जिसका वैसा, कैसे जाने वो फिर मर्म।। कर्मठता से दूर खड़े जो, कैसे होती पूरी आस। सच्चा धर्म करे...।। ईर्ष्या-लोभ मिटे मन से जब, पा लेता है मनु सद्भाव। चिंतक ही मन को फिर साधे,भरने लगते मन के घाव।। क्रोध-अहं को जिसने छोड़ा, नित्य सजगता रहती खास। सच्चा धर्म करे...।। संत समागम अच्छा हो तब , शुभता आती अपने हाथ। साँझ सवेरे करना चिंतन, साधें अपने मन को साथ।। बुद्धि-विवेक के साथ चले जब,जीवन आता पूरा रास। सच्चा धर्म करे...।। मधु राजेन्द्र सिंघी, नागपुर (महाराष्ट्र)

संप्रदाय से नहीं, जैन धर्म से हो हमारी पहचान #JAIN #JAINISM

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 संप्रदाय नहीं जैनत्व  प्राथमिकता हो जैन समुदाय में एकता और सद्भाव की भावना सदैव से रही है। जैन धर्म अपनी अहिंसा, करुणा और सत्य के सिद्धांतों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यह धर्म न केवल आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग दिखाता है, बल्कि समाज में प्रेम और एकता का भी संदेश देता है। समय के साथ, जैन धर्म विभिन्न संप्रदायों में विभाजित हुआ, जिनमें श्वेतांबर, दिगंबर, स्थानकवासी, तेरापंथी आदि प्रमुख हैं। इन सभी संप्रदायों की अपनी परंपराएँ, रीति-रिवाज और धार्मिक दृष्टिकोण हो सकते हैं, लेकिन इनका मूल आधार एक ही है—अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह। वर्तमान समय में यह देखा गया है कि विभिन्न जैन संप्रदायों के विचारक, साधु-साध्वी, तथा साहित्यकार कभी-कभी अपने विचारों को स्थापित करने के प्रयास में अन्य संप्रदायों की आलोचना कर देते हैं। इससे श्रावकों के मन में द्वेष और असहमति की भावना जन्म ले सकती है। किन्तु हमें यह समझना चाहिए कि जैन धर्म का मूल तत्व अनेकांतवाद है, जो हमें सिखाता है कि सत्य के विभिन्न पक्ष हो सकते हैं। भगवान महावीर ने अनेकांतवाद का संदेश दिया था, जिसका अर्थ है कि सत्य एक ही हो ...