श्री नाकोड़ा तीर्थ पर वर्षीतप पारणा महोत्सव का विशेष आमंत्रण
वैशाख सुदी 3, बुधवार, 30 अप्रैल 2025 (अक्षय तृतीया) को श्री नाकोड़ा तीर्थ की पावन धरा पर भव्य वर्षीतप पारणा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। प्रभु श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ और अधिष्ठायक श्री नाकोड़ा भैरव देव की कृपा के साक्षी बनने का यह स्वर्णिम अवसर सभी तपस्वियों के लिए विशेष आह्वान है। वर्षभर की तपस्या का पुण्य-समापन वह नाकोड़ा तीर्थ की चमत्कारी भूमि पर करे, जहां हर आराधक को मिलता है प्रभु का आशीर्वाद और भैरव देव की अलौकिक शक्ति। अक्षय तृतिया के दिन प्रातः 7:00 बजे भव्य वर्षीतप वरघोड़ा का आयोजन होगा, इसके पश्चात प्रातः 8:30 बजे तपस्वियों द्वारा इक्षुरस से पावन पक्षाल किया जाएगा। प्रातः 9:00 बजे भक्तामर पूजन के माध्यम से भक्ति और दिव्यता का संगम होगा, और अंततः प्रातः 10:00 बजे (नई भोजनशाला में) वर्षीतप पारणा का शुभ आयोजन होगा, जो तप की पूर्णाहुति का पावन क्षण बनेगा।
श्री नाकोड़ा तीर्थ वह दिव्य स्थल है, जहां हर आराधक की साधना को सिद्धि मिलती है। यहाँ के कण-कण में प्रभु की कृपा और भैरव देव की असीम शक्ति संचित है। यह वही पावन धरा है, जहाँ एक बार आने पर भक्त जीवनभर के लिए आशीर्वाद प्राप्त करता है। यदि आपने वर्षीतप की कठिन साधना पूर्ण की है, तो इस पुण्य अवसर पर नाकोड़ा तीर्थ में पधारकर अपनी तपस्या को महान फल की ओर ले जाएं। यही वह भूमि है, जहां की पवित्रता से तप को दिव्यता प्राप्त होती है।
तपस्वियों के लिए आवास एवं पारणा की समुचित व्यवस्था श्री नाकोड़ा तीर्थ द्वारा की गई है। सभी तपस्वियों से अनुरोध है कि वे अपनी उपस्थिति की अग्रिम सूचना तीर्थ पेढ़ी पर अवश्य प्रेषित करें।
संपर्क: गौतम बालड़ – 9901755399, महेन्द्र बागरेचा – 9828622339, पुरुषोत्तम सेठिया – 9414108313, आर. के. मेहता – 6375906808, बाबुलाल पटवारी – 9414717998। वेबसाइट: www.nakodatirth.org, ईमेल: nakodatirth@yahoo.com।
इस महान अवसर पर पधारकर अपने जीवन को तपोमय बनाएं और प्रभु की अनंत कृपा का लाभ उठाएं। आपका स्वागत है इस दिव्य पर्व में—जहां तप, भक्ति और सिद्धि का संगम होगा।


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