पत्नी की याद में समर्पण की मिसाल: चूरू के व्यापारी निर्मल सेठिया ने यूके में रचा इतिहास

 

राजस्थान के सुजानगढ़ के रहने वाले प्रतिष्ठित व्यापारी निर्मल सेठिया ने अपनी दिवंगत पत्नी चित्रा सेठिया की स्मृति को अमर कर एक अद्वितीय मिसाल पेश की है। करीब 15 साल पहले पत्नी के निधन के बाद उन्होंने उनकी यादों को सहेजने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए। लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में ‘चित्रा सेंट्रल कास्ट कोर्ट गैलरी’ की स्थापना, यूके के कैम्ब्रिज में ‘ऑटिज्म सेंटर’ का निर्माण, दिल्ली और कुरुक्षेत्र में भव्य मंदिरों का निर्माण और सबसे उल्लेखनीय 6500 करोड़ रुपये की लागत से ‘चित्रा कलेक्शन म्यूजियम’ का निर्माण उनके प्रेम और समर्पण की गवाही देता है।



निर्मल सेठिया मूल रूप से चूरू जिले के सुजानगढ़ के रहने वाले हैं और एक अत्यंत प्रतिष्ठित व्यापारी हैं। उनका विवाह फरवरी 1969 में जयपुर रियासत के दौरान सेना में रहे जोरावर सिंह नाथावत की बेटी चित्रा सेठिया से हुआ। यह विवाह उनके परिवार की पसंद से तय हुआ था, जब सेठिया की मां ने एक कार्यक्रम में चित्रा को देखा और उन्हें अपने बेटे के लिए पसंद कर लिया। विवाह से पहले दोनों राजस्थान विश्वविद्यालय में अध्ययन कर चुके थे और एक-दूसरे को जानते थे।

सेठिया का व्यापार आज वैश्विक स्तर पर फैला हुआ है। वे बैंक नोट्स में उपयोग होने वाली सिक्योरिटी इंक के निर्माता हैं और उनकी कंपनी का कारोबार कई देशों में विस्तारित है। वर्तमान में वे यूके और दुबई में निवास करते हैं और वहीं से अपने व्यापार का संचालन कर रहे हैं। उनके परिवार में उनके बच्चे और पोते-पोतियां हैं, जो उनकी व्यावसायिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।



चित्रा के निधन के बाद निर्मल सेठिया पूरी तरह से टूट गए, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी की यादों को संजोने का संकल्प लिया। जो चित्रा को प्रिय था, वही उनकी पसंद बन गया। उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए उन्होंने कई अद्वितीय कार्य किए। चित्रा को चायपान का बेहद शौक था, और उनकी इसी रुचि को श्रद्धांजलि देने के लिए सेठिया ने ‘चित्रा कलेक्शन म्यूजियम’ की स्थापना की, जिसमें दुनिया की सबसे दुर्लभ और ऐतिहासिक 3300 से अधिक केतलियों का अनूठा संग्रह है।

इस संग्रह में सबसे उल्लेखनीय है ‘ईगोइस्ट’ केतली, जिसकी कीमत 25 करोड़ रुपये है और जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया की सबसे महंगी केतली के रूप में दर्ज किया गया। यह केतली सोने, हीरे और नीलम से जड़ी हुई है, जो उनके प्रेम की भव्यता को दर्शाती है।


निर्मल सेठिया का यह योगदान न केवल उनकी पत्नी के प्रति उनके अटूट प्रेम को दर्शाता है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। उनका यह कार्य इतिहास के पन्नों में अमिट रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की अद्वितीय कहानी बनकर जीवंत रहेगा।



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