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कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन टला, अब नई तारीख का इंतज़ार

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नई दिल्ली/श्रीनगर। जिस ऐतिहासिक ट्रेन का सबको बेसब्री से इंतजार था – कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस – उसका उद्घाटन अब थोड़ा और टल गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 19 अप्रैल को इसका उद्घाटन करना था, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से ये कार्यक्रम फिलहाल के लिए रद्द कर दिया गया है। अब ये उद्घाटन अप्रैल के आख़िर या मई की शुरुआत में हो सकता है। यह ट्रेन देश की बहुत ही खास और बड़ी रेल परियोजना का हिस्सा है – उधमपुर से श्रीनगर होते हुए बारामुला तक की रेल लाइन, जिसे USBRL परियोजना कहा जाता है। ये लाइन अब पूरी तरह बनकर तैयार है और इसका मतलब है कि अब कटरा से सीधे ट्रेन श्रीनगर तक जाएगी। इस रूट पर कई रिकॉर्ड तोड़ चीजें बनी हैं – जैसे कि चिनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज और अंजी नदी पर बना भारत का पहला केबल-स्टे ब्रिज। इन दोनों को देखने के लिए प्रधानमंत्री जी को वहां जाना था, लेकिन बारिश और बर्फबारी की चेतावनी के चलते अब ये दौरा टाल दिया गया। सबसे अच्छी बात ये है कि ये वंदे भारत ट्रेन कटरा से श्रीनगर का सफर सिर्फ 3 घंटे में तय करेगी, जबकि अभी गाड़ी या बस से ये...

धुएं वाली ट्रेन से बुलेट तक का सफर

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  16 अप्रैल है, यानी रेलवे दिवस। इस दिन की अपनी अलग ही कहानी है  आज ही के दिन, साल 1853 में देश की पहली ट्रेन ने मुंबई से ठाणे तक 34 किलोमीटर का सफर तय किया था। उस वक्त किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि ये धुएं वाली सीटी एक दिन देश को बुलेट ट्रेन तक पहुंचा देगी। आज भारतीय रेल सिर्फ एक सफर का जरिया नहीं रही, बल्कि देश की पहचान बन गई है। लाखों लोग हर दिन ट्रेन से सफर करते हैं  कोई काम के लिए, कोई रिश्तेदारों से मिलने, तो कोई घूमने-फिरने। रेल ने हर किसी को जोड़ा है  गांव, शहर, गांव से शहर और दिल से दिल। अब ज़रा सोचिए – पहले भाप के इंजन होते थे, धीमे-धीमे चलने वाली गाड़ियां। फिर डीज़ल इंजन आया, फिर इलेक्ट्रिक। और अब देखिए – वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी चमचमाती, तेज़ रफ्तार ट्रेनें चल रही हैं। जो 160-180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती हैं, AC जैसी ठंडी हवा और मेट्रो जैसी सफाई लेकर। इतना ही नहीं, आने वाले कुछ सालों में देश को पहली बुलेट ट्रेन मिलने वाली है – मुंबई से अहमदाबाद के बीच। जो 320 किमी/घंटा की स्पीड से चलेगी। अब ये कोई सपना नहीं, ये बन रहा है हकीकत। भारतीय रेलवे दुनिय...

अब दिल्ली से अमृतसर सिर्फ़ दो घंटे में – बुलेट ट्रेन से उत्तर भारत को मिलेगी उड़ान

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देश की रफ्तार अब रेल की पटरियों पर दौड़ेगी। केंद्र सरकार ने दिल्ली से अमृतसर तक चलने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना को हरी झंडी दे दी है। यह केवल दो शहरों को जोड़ने की योजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी तस्वीर बदलने वाला कदम है। दिल्ली से शुरू होकर यह हाई-स्पीड रेल बहादुरगढ़, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर तक पहुंचेगी। 465 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में कुल 15 बड़े स्टेशन प्रस्तावित हैं, जहां ट्रेन अपनी आधुनिक रफ्तार के साथ हर पड़ाव को विकास के एक नए मोड़ पर छोड़ती जाएगी। 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली यह बुलेट ट्रेन दिल्ली से अमृतसर की दूरी महज़ दो घंटे में तय कर सकेगी, जो मौजूदा समय में छह से सात घंटे में पूरी होती है। यह परियोजना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को अभूतपूर्व बल देगी। अमृतसर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के शहरों तक अब देश और विदेश से लोग बिना समय गंवाए पहुंच सकेंगे, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। ट्रेन के अंदर की ...

मदुराई से भगत की कोठी तक सीधी ट्रेन सेवा बनी राहत का रास्ता — यात्रियों ने जताया संतोष

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स्पेशल ट्रेन के जरिए लंबे सफर में मिली सहूलियत, भले हुई देर — लेकिन सीधी सुविधा से यात्रियों को मिला मानसिक सुकून और सफर में सहजता मदुराई से 14 अप्रैल को रवाना हुई भगत की कोठी स्पेशल ट्रेन (ट्रेन संख्या 06067) ने प्रवासी यात्रियों को एक नई सहूलियत का अनुभव कराया। यह ट्रेन 6 घंटे की देरी से चलने के बावजूद  16 अप्रैल की शाम को जब भगत की कोठी शाम 4.10 बजे पहुँच गई, जो करीबन 3 घंटे 40 मिनट लेट थी। तो यात्रियों के चेहरों पर संतोष और सुकून साफ झलक रहा था। भले ही यह स्पेशल ट्रेन होने के कारण सामान्य ट्रेनों की तुलना में किराए में थोड़ी अधिक रही हो, लेकिन यात्रियों के अनुसार यह सीधी सुविधा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। पहली बार मदुराई से भगत की कोठी तक सीधी ट्रेन सेवा मिलने से यात्रियों को अलग-अलग स्टेशन पर ट्रेन बदलने, भारी सामान के लिए कुली की तलाश करने, ऑटो-रिक्शा में इधर-उधर जाने और छोटे बच्चों व बुजुर्गों को सँभालने जैसी कई बड़ी परेशानियों से मुक्ति मिली। यात्रियों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बार-बार ट्रेन बदलने की झंझट में जहां यात्रा थकावट और चिंता से भर जाती है, वहीं इस ...

"भारत के स्टेशन अब लंदन-पेरिस से कम नहीं!"

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अब रेलवे स्टेशन सिर्फ ट्रेन पकड़ने की जगह नहीं रह गए हैं, बल्कि वो आपकी यात्रा का शानदार अनुभव बनने जा रहे हैं। देश के 104 स्टेशन अब एयरपोर्ट जैसी चमक-दमक और सुविधा से तैयार हो चुके हैं, और 1200 से ज़्यादा स्टेशनों पर काम जोरों पर है। लेकिन ये सिर्फ नवीनीकरण नहीं है, ये एक ऐसा बदलाव है जिसमें हमारी संस्कृति, हमारी मिट्टी की खुशबू और आधुनिकता—all in one शामिल है। हर स्टेशन की अपनी एक अलग पहचान होगी। कोई राजस्थान की हवेलियों की झलक दिखाएगा, तो कोई दक्षिण के मंदिरों की छाप। कहीं मध्य भारत की आदिवासी कला दिखेगी, तो कहीं बंगाल की बारीक चित्रकारी। यानी स्टेशन अब सिर्फ सीमेंट-लोहे की इमारत नहीं, बल्कि उस जगह की कहानी सुनाएंगे। सुविधाओं की बात करें तो हर स्टेशन पर मिलेंगी एसी वेटिंग रूम, हाई-स्पीड वाई-फाई, साफ-सुथरे टॉयलेट, लिफ्ट-एस्केलेटर, आरामदायक बैठने की जगह, बच्चों के खेलने का कोना, और फूड कोर्ट। टिकट लेने के लिए स्मार्ट मशीनें होंगी, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, और हर कोना दिव्यांगों के लिए भी पूरी तरह सुलभ होगा। इतना ही नहीं, लोकल कलाकारों को मंच देने के लिए ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट...

मदुरै से भगत की कोठी स्पेशल ट्रेन को प्रवासियों ने हर्ष- उल्लास से किया रवाना ।

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  मदुरै तमिलनाडु ... मदुरै प्रवासी  संगठन एवं उत्तर भारतीय यात्री सेवा संघ के सदस्यों ने मदुरै रेल्वे जंक्शन पर पहुँच कर मदुरै से भगत की कोठी प्रथम बार भीलड़ी समदड़ी रेल खंड पर रेल सेवा शुरू होने की खुशी में ट्रेन को फूलमाला से सजाया एवं ट्रेन के लोको पायलट सौन्दराजन व मुरुगन का माला व साफा पहनाकर सम्मान किया ।  मदुरै प्रवासी प्रवक्ता दिनेश सालेचा ने बताया कि प्रवासी समाज के लोगों को इस मार्ग पर ट्रेन सेवा को लेकर 20 साल से इंतजार था वो इंतजार आज पूरा हुआ । प्रवासी समाज बंधुओं ने स्टेशन पर मिठाई बांटी । ठीक सुबह 10:45 मिनट पर ट्रेन की रवानगी पर खुशी जाहिर करते हुए एक दूसरे को बधाई दी  स्टेशन पर मदुरै प्रवासी विभिन्न  समाज के काफ़ी संख्या में लोग पहुँचे व भारत माता के जयकारे लगाएं ।  प्रवासी बंधुओ ने राजस्थान के लिए सीधी रेल सेवा के लिए प्रयास किया उन सभी संगठनों को धन्यवाद ज्ञापित किया और आगे इसी ट्रेन को साप्ताहिक करने की कोशिश जारी रखने का आग्रह किया । इस दौरान उत्तर भारतीय यात्री सेवा संघ से अरुणकुमार, मदुरै प्रवासी संगठन से दिनेश सालेचा, Aiadmk जिला प्रतिन...

अब रामेश्वरम जाना हुआ और भी आसान – पीएम मोदी ने दिए 28 नई ट्रेनों के तोहफे

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  6 अप्रैल 2025 को देश में एक नया इतिहास बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामेश्वरम को जोड़ने वाले देश के पहले वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज यानी उठने वाले समुद्री पुल का उद्घाटन किया। ये नया पंबन ब्रिज अब सिर्फ इंजीनियरिंग का कमाल नहीं है, बल्कि रामभक्तों और श्रद्धालुओं के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी ने 11 बड़े शहरों से रामेश्वरम के लिए 28 नई ट्रेनों की घोषणा भी की। अयोध्या, वाराणसी, भुवनेश्वर, भोपाल, इंदौर, नागपुर, पुणे, जयपुर, रांची, पटना और हावड़ा जैसे शहरों से अब सीधे रामेश्वरम पहुंचा जा सकेगा। अब रामेश्वरम जाने के लिए लंबा प्लान बनाना या बार-बार ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तांबरम से रामेश्वरम के बीच रोज चलने वाली ट्रेन भी शुरू की जा रही है, जो शाम को रवाना होकर सुबह तक पहुंचा देगी। साथ ही मंगलुरु से रामेश्वरम और थूथुकुडी से मेट्टुपालयम के बीच भी नई ट्रेनें शुरू होंगी। ये नई पहल न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि रामेश्वरम को देश के हर कोने से जोड़ देगी। आस्था की इस डोर को अब रेलवे और मजबूती से पकड़ रहा है। अब रामेश्वरम की यात्रा सिर्फ सपनों में नहीं,...

उदयपुर से वैष्णोदेवी के भक्तों के लिए खुशखबरी: रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन सेवा, अब होगा सीधा सफर माता के दरबार तक

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  उदयपुर | उदयपुरवासियों के लिए मां वैष्णोदेवी के दर्शन अब और आसान होने जा रहे हैं। भारतीय रेलवे ने श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात देते हुए उदयपुर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के लिए सीधी विशेष रेल सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। ट्रेन संख्या 09603/09604, उदयपुर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा-उदयपुर स्पेशल, हिसार रूट से होकर चलाई जाएगी और यह सेवा 9 अप्रैल से 26 जून 2025 तक कुल 12 फेरे लगाएगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेन संख्या 09603 हर बुधवार दोपहर 1:50 बजे उदयपुर सिटी से रवाना होगी और शाम 5:30 बजे हिसार पहुंचेगी। यहां से शाम 6:00 बजे चलकर यह ट्रेन अगली सुबह 6:35 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 09604 हर गुरुवार सुबह 10:50 बजे कटरा से रवाना होकर रात 9:45 बजे हिसार पहुंचेगी और रात 10:15 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 1:55 बजे पुनः उदयपुर सिटी पहुंचेगी। यह ट्रेन सेवा दोनों दिशाओं में राणा प्रतापनगर, मावली, चंदेरिया, भीलवाड़ा, मांडल, विजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, रींगस, सीकर, नव...

गर्मियों में यात्रियों को बड़ी राहत – उत्तर पश्चिम रेलवे ने शुरू की मुंबई सेंट्रल से दिल्ली के बीच विशेष एसी रेल सेवा

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उत्तर पश्चिम रेलवे ने गर्मियों की छुट्टियों और यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए एक विशेष द्वि-साप्ताहिक एसी रेलसेवा की घोषणा की है। ट्रेन संख्या 09003, मुंबई सेंट्रल से दिल्ली के बीच चलने वाली यह स्पेशल ट्रेन 1 अप्रैल से 6 मई तक प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को रात 10:30 बजे मुंबई सेंट्रल से रवाना होगी और अगले दिन यानी बुधवार और शनिवार को सुबह 10 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इस ट्रेन का मार्ग मुंबई सेंट्रल से सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, पालनपुर, मारवाड़ जंक्शन, अजमेर, जयपुर और गुड़गांव होते हुए दिल्ली तक रहेगा। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 09004 दिल्ली से मुंबई सेंट्रल के लिए 2 अप्रैल से 7 मई तक प्रत्येक बुधवार और शनिवार को रात 1:05 बजे दिल्ली से रवाना होकर वीरवार और रविवार को दोपहर 1:30 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। वापसी मार्ग में यह ट्रेन गुड़गांव, जयपुर, अजमेर, मारवाड़ जंक्शन, पालनपुर, अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत होते हुए मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। पूरी तरह से वातानुकूलित कोचों से सुसज्जित इस विशेष रेलसेवा के माध्यम से यात्रियों को गर्मी के मौसम में सुविधाजनक, आरामदायक और सुरक्षित सफर का अनुभव मि...

प्रयागराज से मुंबई के लिए 13 ट्रिप की ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन, बुकिंग आज से शुरू

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  उत्तर मध्य रेलवे ने गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रयागराज (सूबेदारगंज) से मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) के बीच सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन 13 ट्रिप में चलेगी और यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा सुविधा प्रदान करेगी। 7 अप्रैल से 30 जून तक, प्रत्येक सोमवार को गाड़ी संख्या 04125 सूबेदारगंज-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संचालित होगी। वहीं, 8 अप्रैल से 1 जुलाई तक, प्रत्येक मंगलवार को गाड़ी संख्या 04126 बांद्रा टर्मिनस-सूबेदारगंज सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन कानपुर, वडोदरा, सूरत, वापी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी, जिससे इन शहरों के यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। इस स्पेशल ट्रेन की बुकिंग आज, 3 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे से शुरू हो चुकी है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द टिकट बुक कर लें, क्योंकि गर्मी के मौसम में लंबी दूरी की ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। अधिक जानकारी और आरक्षण के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी आरक्षण केंद्र पर संपर्क किया जा सकता है।

चलती ट्रेन में कुत्ते को चढ़ाने की कोशिश, बाल-बाल बची जान—यात्रा के नियमों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

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  झांसी रेलवे स्टेशन पर 3 अप्रैल 2025 को एक ऐसी घटना घटी, जिसने यात्रियों की सांसें रोक दीं। एक यात्री ने अपने पालतू कुत्ते को राजधानी एक्सप्रेस में चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन घबराया हुआ कुत्ता प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच की खाई में गिर गया। तेज़ रफ्तार से बढ़ती ट्रेन और नीचे पड़े कुत्ते के बीच बस चंद सेकंड का फासला था। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से उसकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया—क्या हम यात्रा के नियमों को हल्के में लेकर खुद और दूसरों को खतरे में नहीं डाल रहे? इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें लोगों ने पालतू जानवरों के साथ यात्रा के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कुछ ने इसे मालिक की नासमझी बताया, तो कुछ ने रेलवे प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की। रेलवे अधिनियम स्पष्ट रूप से कहता है कि पालतू जानवरों को ट्रेन में ले जाने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। प्रथम श्रेणी एसी कूपे में यात्रा के लिए पूरा कूपे बुक करना आवश्यक है, अन्यथा जानवरों को पार्सल वैन में भेजा जाता ह...

समर स्पेशल ट्रेन: जोधपुरवासियों को गर्मियों में रेलवे का तोहफा

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  जोधपुर। गर्मियों की छुट्टियों में जोधपुर से मुंबई की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहतभरी खबर आई है। रेलवे ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए बांद्रा टर्मिनस-भगत की कोठी समर स्पेशल ट्रेन (04828/04827) के संचालन का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सीमित समय के लिए चलाई जा रही है, ताकि यात्रियों को गर्मी के मौसम में टिकट की किल्लत से राहत मिल सके। रेलवे ने इस ट्रेन की बुकिंग 03 अप्रैल 2025 से शुरू कर दी है, जिसे यात्री सभी पीआरएस काउंटरों और IRCTC की वेबसाइट से बुक कर सकते हैं। बांद्रा टर्मिनस से भगत की कोठी तक चलने वाली इस ट्रेन का रूट यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह ट्रेन वसई रोड, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, महेसाणा, पालनपुर, आबू रोड, सिरोही रोड, फालना, रानी, मारवाड़ जंक्शन, पाली और लूनी स्टेशनों पर रुकेगी। वापसी में भी ट्रेन यही मार्ग अपनाएगी। हर साल गर्मियों में जोधपुर से मुंबई जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखी जाती है, जिससे यात्रियों को टिकट बुक करने में काफी परेशानी होती है। खासकर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यह ट्रेन राहत का काम करेगी...

भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास, लोकोमोटिव उत्पादन में बनाया वैश्विक कीर्तिमान

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  नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। 'मेड इन इंडिया' पहल के तहत ट्रेनों के इंजन निर्माण में देश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान रेलवे ने 1,681 लोकोमोटिव का निर्माण किया, जो अमेरिका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के कुल उत्पादन से भी अधिक है। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे की उत्पादन क्षमता और तकनीकी सक्षमता को दर्शाती है। रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता के अनुसार, पिछले वर्ष देश में 1,472 लोकोमोटिव तैयार किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा 19% बढ़कर 1,681 तक पहुंच गया। मेड इन इंडिया को बढ़ावा देने वाली नीतियों और बेहतर प्रबंधन के कारण रेलवे इंजन निर्माण की गति लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में 4,695 लोकोमोटिव बनाए गए थे, जिनका वार्षिक औसत 469.5 रहा, जबकि 2014 से 2024 के बीच यह संख्या 9,168 हो गई और वार्षिक औसत बढ़कर 917 पर पहुंच गया। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,681 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस उपलब्धि में चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने 700, बनारस लोक...

हैदराबाद से गुजरात जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी: समर स्पेशल ट्रेन शुरू

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  हैदराबाद: गर्मी के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने हैदराबाद और भावनगर टर्मिनस के बीच विशेष किराया ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस ट्रेन के संचालन से गुजरात जाने वाले व्यापारियों, कामकाजी लोगों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 07061 हैदराबाद डेक्कन नामपल्ली (HYB) से हर शुक्रवार शाम 7:00 बजे रवाना होगी और रविवार सुबह 5:55 बजे भावनगर टर्मिनस (BVC) पहुंचेगी। यह सेवा 4 अप्रैल 2025 से 29 जून 2025 तक जारी रहेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 07062 भावनगर टर्मिनस से हर रविवार सुबह 10:15 बजे प्रस्थान कर सोमवार शाम 4:45 बजे हैदराबाद पहुंचेगी। इस ट्रेन की वापसी सेवा 6 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक उपलब्ध होगी। यह स्पेशल ट्रेन 1,522 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और सिकंदराबाद, नांदेड़, पूर्णा, भुसावल, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, धोला और सिहोर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए स्लीपर क्लास, तृतीय एसी, सामान्य श्रेणी और गार्ड वैन की सुविधा दी गई है। भारतीय रेलवे के इस फैसले से हैदराबाद और ...

भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में ऐतिहासिक कदम

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  नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल परीक्षण किया है। यह ऐतिहासिक ट्रायल 31 मार्च 2025 को हरियाणा के जींद-सोनीपत मार्ग पर किया गया। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा निर्मित इस ट्रेन का सबसे बड़ा आकर्षण इसका हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित इंजन है, जो इसे शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीक बनाता है। इस ट्रेन ने ट्रायल रन के दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार प्राप्त की और पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल साबित हुई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन एक बार चार्ज होने के बाद लंबी दूरी तय कर सकती है और इसमें एक समय में 2,638 यात्री सफर कर सकते हैं। हाइड्रोजन ईंधन के इस्तेमाल से यह न केवल ध्वनि और वायु प्रदूषण को खत्म करेगी, बल्कि इसकी परिचालन लागत भी पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में 70% तक कम होगी। ट्रायल रन के दौरान कुछ तकनीकी चुनौतियाँ भी सामने आईं, जिनके समाधान पर रेलवे के विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। इससे पहले इसे दिसंबर 2024 में कालका-शिमला मार्ग पर लॉन्च करने की योजना थी, लेकिन अब...

82 दिनों बाद सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 2 और 3 पर फिर गूंजी ट्रेन की सीटी, यात्रियों को मिली बड़ी राहत

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  सूरत 1अप्रैल 2025 सोमवार:- सूरत रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए बड़ी खबर आई है। 1 अप्रैल से रेलवे प्रशासन ने प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 को फिर से चालू कर दिया है, जिससे 115 ट्रेनों का ठहराव बहाल हो गया है। इनमें 97 एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें तथा 18 मेमू ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों को इस सुविधा के बंद होने के कारण लंबे समय से असुविधा हो रही थी, लेकिन अब उनकी परेशानियों का समाधान हो गया है। रेलवे स्टेशन के इन दोनों प्रमुख प्लेटफार्मों को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) परियोजना के तहत पुनर्विकास कार्य के लिए 10 जनवरी से 31 मार्च तक अस्थायी रूप से बंद किया गया था। इस दौरान कई ट्रेनों को अन्य प्लेटफार्मों और उधना रेलवे स्टेशन की ओर डायवर्ट कर दिया गया था, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी। विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों को स्टेशन पर बदलते ट्रेनों के ठहराव से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्लेटफार्म 2 और 3 के फिर से खुलने से उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम होगा। पिछले तीन महीनों में...

रेलवे का ऐतिहासिक विस्तार: श्रीनगर-कटरा रेल लिंक और पंबन ब्रिज से जुड़ेगा भारत

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                                 नई दिल्ली. भारतीय रेलवे इस महीने देश को दो ऐतिहासिक सौगातें देने जा रहा है, जो रेल संपर्क को नए आयाम तक ले जाएंगी। देश के उत्तर और दक्षिण दोनों छोरों पर यह विकास यात्रियों के लिए नई सहूलियतें लेकर आएगा। एक ओर श्रीनगर से कटरा तक की रेल लाइन, जो कश्मीर घाटी को पूरे भारत से जोड़ेगी, वहीं दूसरी ओर पंबन ब्रिज, जो तमिलनाडु में रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ेगा। रेलवे ने इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के उद्घाटन की तारीखें घोषित कर दी हैं। 6 अप्रैल को पंबन ब्रिज पर ट्रेनों का संचालन शुरू होगा, जबकि 19 अप्रैल को कटरा-श्रीनगर रेल लाइन का शुभारंभ होगा। इससे यात्रियों को यात्रा में लगने वाले समय और खर्च दोनों में राहत मिलेगी। भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे सी ब्रिज – पंबन ब्रिज अपने आप में एक अभूतपूर्व संरचना है। 2.05 किमी लंबे इस पुल की ऊंचाई पुराने पुल से तीन मीटर अधिक है, जिससे बड़े जहाजों को गुजरने की अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। हाल ही में इस पुल पर ट्रेनों का सफल परीक्षण ...

जोधपुर रेलवे स्टेशन: इतिहास, वर्तमान और भविष्य की सुनहरी गाथा

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जोधपुर रेलवे स्टेशन राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है, जिसकी स्थापना 1885 में हुई थी। 9 मार्च 1885 को पहली ट्रेन जोधपुर से लूनी के लिए चली, जिसने इस क्षेत्र में रेल परिवहन की नई क्रांति की शुरुआत की। यह स्टेशन शुरू में नई जोधपुर रेलवे के अंतर्गत आता था, जिसे 1898 में बीकानेर रेलवे के साथ मिलाकर जोधपुर-बीकानेर रेलवे बनाया गया। 1891 में जोधपुर और बीकानेर के बीच रेलवे लाइन पूरी हुई, जिससे मरुधर की धरती पर एक नया परिवहन युग शुरू हुआ। धीरे-धीरे, रेलवे का विस्तार हुआ और 1900 में जोधपुर-हैदराबाद रेलवे का निर्माण हुआ, जिसने सिंध प्रांत के हैदराबाद (अब पाकिस्तान में) तक रेल संपर्क स्थापित किया। भारत की स्वतंत्रता के बाद जोधपुर रेलवे का एक हिस्सा पश्चिम पाकिस्तान चला गया, लेकिन इस स्टेशन ने निरंतर प्रगति की राह नहीं छोड़ी। शुरुआती दौर में जोधपुर रेलवे स्टेशन नैरो गेज और मीटर गेज पर संचालित होता था, लेकिन समय के साथ इसका आधुनिकीकरण हुआ और इसे पूरी तरह ब्रॉड गेज में परिवर्तित कर दिया गया। नैरो गेज सीमित दूरी के लिए उपयुक्त था, जबकि मीटर गेज ने लंबी दूरी की रेल सेवा को संभव बनाया। क...

गर्मियों में यात्रियों को बड़ी राहत: भारतीय रेलवे ने गुजरात और राजस्थान के लिए विशेष ट्रेनें चलाईं

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  गर्मियों की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने गुजरात और राजस्थान से जुड़ी कई समर स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इस फैसले से यात्रियों को आरामदायक और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। अहमदाबाद-पुरी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (09453/09454) अहमदाबाद से वडोदरा, सूरत, जलगांव, नागपुर, रायपुर होते हुए पुरी तक जाएगी, जिसमें 20 स्लीपर क्लास डिब्बे होंगे। अहमदाबाद-हुब्बल्लि स्पेशल (07314/07313) अहमदाबाद से वडोदरा, सूरत, वसई रोड, पुणे होते हुए हुब्बल्लि पहुंचेगी, जिसमें थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल क्लास के कोच होंगे। मुंबई सेंट्रल-खातीपुरा (जयपुर) त्रि-साप्ताहिक स्पेशल (09001/09002) मुंबई से वडोदरा, पालनपुर, अजमेर होते हुए जयपुर पहुंचेगी, जो रात 10:20 बजे रवाना होकर सुबह 4:40 बजे जयपुर पहुंचेगी और इसमें 16 डिब्बे (एसी व स्लीपर) होंगे। उदयपुर सिटी-पटना साप्ताहिक स्पेशल (09651/09652) उदयपुर से अजमेर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज होते हुए पटना जाएगी, जो मंगलवार को उदयपुर से और गुरुवार को पटना से रवाना होगी, इसमें 22 डिब्बे (एसी, स्लीपर, जनरल) होंगे। इसके अलावा, पश्चिम ...

राजस्थान-गुजरात के बीच 116 किमी लंबी नई रेल लाइन, 15 स्टेशनों और 13 सुरंगों का होगा निर्माण

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  राजस्थान से गुजरात की यात्रा को और सुगम बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने 116 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। यह रेलमार्ग न केवल यातायात को आसान बनाएगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। अंबाजी-आबूरोड-तारंगा हिल के बीच इस रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिसका कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस परियोजना की लागत करीब 28 अरब रुपये है और इसके तहत सिविल व ट्रैक कार्यों के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। परियोजना के अंतर्गत 13 सुरंगों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर होगी। ये सुरंगें उधमपुर-कटरा रेल परियोजना की तरह अत्याधुनिक न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से बनाई जाएंगी। इसके अलावा, आबूरोड ब्लॉक के सुरपगला गांव के पास देश के सबसे ऊंचे रेलवे पुलों में से एक 80 मीटर ऊंचे पुल का निर्माण होगा। रेलवे की इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना से राजस्थान के सिरोही और गुजरात के मेहसाणा, साबरकांठा व बनासकांठा जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। धार्मिक दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। अंबाजी शक्तिपीठ, तारंगा हिल और आबूरोड जैसे तीर्थस्थलों को रेल क...