चलती ट्रेन में कुत्ते को चढ़ाने की कोशिश, बाल-बाल बची जान—यात्रा के नियमों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
झांसी रेलवे स्टेशन पर 3 अप्रैल 2025 को एक ऐसी घटना घटी, जिसने यात्रियों की सांसें रोक दीं। एक यात्री ने अपने पालतू कुत्ते को राजधानी एक्सप्रेस में चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन घबराया हुआ कुत्ता प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच की खाई में गिर गया। तेज़ रफ्तार से बढ़ती ट्रेन और नीचे पड़े कुत्ते के बीच बस चंद सेकंड का फासला था। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से उसकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया—क्या हम यात्रा के नियमों को हल्के में लेकर खुद और दूसरों को खतरे में नहीं डाल रहे?
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें लोगों ने पालतू जानवरों के साथ यात्रा के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कुछ ने इसे मालिक की नासमझी बताया, तो कुछ ने रेलवे प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की। रेलवे अधिनियम स्पष्ट रूप से कहता है कि पालतू जानवरों को ट्रेन में ले जाने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। प्रथम श्रेणी एसी कूपे में यात्रा के लिए पूरा कूपे बुक करना आवश्यक है, अन्यथा जानवरों को पार्सल वैन में भेजा जाता है। लेकिन यात्रियों की जल्दबाजी और असावधानी कभी-कभी ऐसी घटनाओं को जन्म देती है, जो न सिर्फ जानवरों, बल्कि अन्य यात्रियों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती हैं।
भारतीय रेलवे बार-बार यात्रियों से अपील करता है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। चलती ट्रेन में चढ़ना और दूसरों को चढ़ाने की कोशिश करना न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय भी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि नियमों की अनदेखी से हादसे टलते नहीं, बल्कि बढ़ते हैं। समय आ गया है कि हम यात्रा के दौरान सतर्क रहें, जिम्मेदारी से व्यवहार करें और रेलवे के नियमों का पालन करें, ताकि सफर सिर्फ सुरक्षित ही नहीं, सुखद भी बना रहे।


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