मदुराई से भगत की कोठी तक सीधी ट्रेन सेवा बनी राहत का रास्ता — यात्रियों ने जताया संतोष


स्पेशल ट्रेन के जरिए लंबे सफर में मिली सहूलियत, भले हुई देर — लेकिन सीधी सुविधा से यात्रियों को मिला मानसिक सुकून और सफर में सहजता

मदुराई से 14 अप्रैल को रवाना हुई भगत की कोठी स्पेशल ट्रेन (ट्रेन संख्या 06067) ने प्रवासी यात्रियों को एक नई सहूलियत का अनुभव कराया। यह ट्रेन 6 घंटे की देरी से चलने के बावजूद  16 अप्रैल की शाम को जब भगत की कोठी शाम 4.10 बजे पहुँच गई, जो करीबन 3 घंटे 40 मिनट लेट थी। तो यात्रियों के चेहरों पर संतोष और सुकून साफ झलक रहा था। भले ही यह स्पेशल ट्रेन होने के कारण सामान्य ट्रेनों की तुलना में किराए में थोड़ी अधिक रही हो, लेकिन यात्रियों के अनुसार यह सीधी सुविधा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रही।

पहली बार मदुराई से भगत की कोठी तक सीधी ट्रेन सेवा मिलने से यात्रियों को अलग-अलग स्टेशन पर ट्रेन बदलने, भारी सामान के लिए कुली की तलाश करने, ऑटो-रिक्शा में इधर-उधर जाने और छोटे बच्चों व बुजुर्गों को सँभालने जैसी कई बड़ी परेशानियों से मुक्ति मिली। यात्रियों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बार-बार ट्रेन बदलने की झंझट में जहां यात्रा थकावट और चिंता से भर जाती है, वहीं इस बार की यात्रा अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और आरामदायक रही।

हालांकि, इस सफर में कुछ कमियाँ भी रही  जैसे एसी व लाइट की तकनीकी समस्याएं और देरी से चलना। लेकिन इन असुविधाओं के बावजूद यात्रियों ने भरोसा जताया कि ऐसी ट्रेनें यदि नियमित रूप से चलाई जाएं तो सुविधाओं में सुधार अपने आप आ जाएगा। उनका यह भी कहना है कि रेलवे को चाहिए कि इस तरह की सीधी ट्रेन सेवा को सप्ताह में कम से कम एक बार नियमित रूप से चलाए, जिससे हजारों प्रवासी बंधुओं को हर बार यात्रा में होने वाली भागदौड़ और तनाव से निजात मिल सके।

यात्रा केवल मंज़िल तक पहुँचने का माध्यम नहीं होती, बल्कि अपनों तक पहुँचने का भावनात्मक जुड़ाव होती है  और इस ट्रेन ने उसी जुड़ाव को आसान और सुलभ बना दिया है।



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