तेरापंथ आचार्य श्री महाश्रमण जी का धवल सेना के साथ पालड़ी में प्रवास, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक लाभ

 

अहमदाबाद – आज तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी का अहमदाबाद के उपनगरीय क्षेत्र पालड़ी में हुआ एक दिवसीय प्रवास, श्रद्धा, सेवा और संयम का अद्भुत संगम बन गया। गढ़ सिवाना निवासी श्री गौतमचंदजी सोहनराजजी चौधरी के पालड़ी स्थित निवास पर जब आचार्य श्री अपनी धवल सेना के साथ पधारे, तो पूरे क्षेत्र में भक्तिभाव की लहर दौड़ पड़ी।



जैसे ही प्रवचन हॉल में आचार्य श्री ने प्रवेश किया, "जय जय ज्योतिचरण, जय जय महाश्रमण" की घोषणाओं से सारा हॉल गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आंखों में भाव-विभोरता और दिलों में गुरु चरणों के प्रति अगाध श्रद्धा स्पष्ट झलक रही थी।

सैकड़ों श्रद्धालु इस अवसर पर बड़ी श्रद्धा और भावना के साथ उपस्थित रहे। आचार्य श्री ने अपने प्रभावशाली प्रवचन के माध्यम से संयम, आत्मानुशासन, नैतिकता और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके शब्दों ने सभी को आत्मचिंतन और आत्मिक शुद्धि की दिशा में सोचने पर जोर दिया।



इस पावन अवसर पर चौधरी परिवार ने विहार और प्रवचन में पधारे सभी आगंतुकों के लिए नवकारसी व स्वामी वात्सल्य की सुंदर और स्नेहपूर्ण व्यवस्था की, जिससे सेवा और समर्पण की मिसाल प्रस्तुत हुई।

पूरे कार्यक्रम का साक्षी रहे स्वतंत्र पत्रकार श्री दिनेश देवड़ा 'धोका' ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रवास न केवल चौधरी परिवार के लिए सौभाग्य का क्षण रहा, बल्कि समस्त श्रद्धालुओं के लिए भी एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया।

पालड़ी की यह सुबह आचार्य श्री की वाणी, धवल सेना की उपस्थिति, श्रद्धालुओं की भक्ति और सेवाभावी चौधरी परिवार के सहयोग से एक धर्ममय उत्सव बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।



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