चेहरे पे खुशियाँ, दिल में गम का समंदर
चेहरे पे खुशियाँ, दिल में गम का समंदर,
दुनिया क्या जाने हमारी दास्ताँ के बवंडर।_
हर मुस्कान के पीछे, छिपा एक राज़ है,
जिंदगी की किताब में, हर पन्ना एक साज़ है।
शायर तो नहीं था, नहीं लिखता था शायरी,
आपके शेर पढ़कर मिल गए "गुर ए शायरी"।
चिंगारियाँ भी कभी-कभी काम कर जाती हैं,
आग से भी आगे, अलग बहुत कुछ है।
ताने भी अक्सर चिंगारी बन जाते हैं,
कभी महाभारत, कभी रामायण लिख जाते हैं।
दिल की आग से जब शब्द निकलते हैं,
कभी महाकाव्य, कभी कहानियाँ बन जाते हैं।
हर लफ्ज़ में छिपा है, एक नया सफर,
शायरी की दुनिया में, मेरे दिल का है असर।
_✍🏻 दिनेश दोशी_

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