JITO छात्रावास के लिए 12.51 करोड़ का योगदान, गणपतराजजी चौधरी की सराहनीय पहल
समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी पहचान उनके पद या नाम से नहीं, बल्कि उनके काम से बनती है। गणपतराजजी चौधरी (रिद्धि सिद्धि ग्रुप) भी ऐसे ही व्यक्तित्व हैं, जो हमेशा समाज के लिए कुछ ठोस और अच्छा करने के लिए जाने जाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, मानव सेवा और जीवदया जैसे कई क्षेत्रों में उनका योगदान लगातार देखने को मिलता है। उनके कामों में समाज के लिए सच्ची भावना और सेवा का भाव साफ दिखाई देता है।
जब उन्हें JITO Apex में अध्यक्ष के रूप में काम करने का अवसर मिला, तब भी उन्होंने हमेशा शिक्षा, युवाओं के विकास और समाज को आगे बढ़ाने जैसे विषयों को प्राथमिकता दी। उनका मानना है कि समाज केवल बातों से नहीं, बल्कि अच्छे कामों से आगे बढ़ता है।
सामाजिक संस्थाओं में भी उनकी सक्रियता हमेशा रही है। समाज की कई संस्थाओ के माध्यम से समाज के कई कार्यों में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपनी मातृभूमि गढ़ सिवाना के प्रति उनका लगाव भी हमेशा देखने को मिलता है। वहीं आस्था के प्रमुख केंद्र नाकोड़ा तीर्थ के विकास में भी उनका योगदान सराहनीय रहा है। यह सब उनके धर्म और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
वर्तमान में राजस्थान स्कूल के चेयरमैन के रूप में भी वे शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि शिक्षा ही वह ताकत है जिससे युवाओं का भविष्य बनता है और समाज आगे बढ़ता है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में JITO एजुकेशनल ट्रस्ट के नए छात्रावास भवन के लिए उन्होंने और उनके सुपुत्र सिद्धार्थजी ने मिलकर 12.51 करोड़ रुपये की उदार भेंट दी है। यह केवल एक आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि समाज के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी सोच है। इस छात्रावास के बनने से कई विद्यार्थियों को रहने की अच्छी सुविधा मिलेगी और उन्हें पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिलेगा।
जब किसी विद्यार्थी को पढ़ाई के साथ रहने और सीखने का अच्छा वातावरण मिलता है, तब उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और वह अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए मजबूत बनता है। ऐसे में यह योगदान आने वाले समय में कई युवाओं के जीवन को नई दिशा देगा।
एक पत्रकार होने के नाते समाज में कई लोगों के काम देखने और लिखने का अवसर मिलता है। लेकिन कुछ काम ऐसे होते हैं जो केवल खबर नहीं रहते, बल्कि दिल को छू लेते हैं और दूसरों को भी प्रेरणा देते हैं। गणपतराजजी चौधरी और उनके सुपुत्र सिद्धार्थजी द्वारा शिक्षा के लिए दिया गया यह सहयोग भी ऐसा ही एक कार्य है।
जब समाज के सक्षम लोग अपनी मेहनत की कमाई को समाज और शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित करते हैं, तब यह पूरे समाज के लिए एक संदेश बन जाता है कि यदि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार समाज के लिए कुछ करे, तो हमारा समाज और देश दोनों बहुत आगे बढ़ सकते हैं।
गणपतराजजी चौधरी और सिद्धार्थजी का यह कार्य वास्तव में सराहनीय है और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनसे यही अपेक्षा है कि वे आगे भी इसी तरह समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते रहें और समाज को प्रेरणा देते रहें।
दिनेश देवड़ा धोका
(स्वतंत्र पत्रकार)


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