जेसीआई शाहीबाग का 26वां शपथ ग्रहण समारोह संपन्न*

 


सेवा, संस्कार और नेतृत्व का  संगम


अहमदाबाद। जेसीआई शाहीबाग का 26वां शपथ ग्रहण समारोह द रॉयल पवेलियन में  गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि सेवा, संस्कार और नेतृत्व की जीवंत अनुभूति कराने वाला अवसर बन गया।

इस अवसर पर JC अनिल जीवावत ने अध्यक्ष पद की शपथ ली, वहीं विमल बागरेचा ने सेक्रेटरी और अंकित कोठारी ने कोषाध्यक्ष का दायित्व संभाला। नई कार्यकारिणी नये नये सदस्यों ने जब शपथ ली, तो मानो एक नई ऊर्जा, नई आशा और नए संकल्प का संचार महसूस हुआ।

संस्थापक अध्यक्ष अशोकजी बाफना  वे केवल एक नाम नहीं, बल्कि संस्था की आत्मा हैं स्थापना से लेकर आज तक उनका सतत मार्गदर्शन, समर्पण और सक्रिय सहभागिता हर सदस्य के लिए प्रेरणा का दीपक है। उनका व्यक्तित्व यह सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि निरंतर समर्पण से बनता है।

निवर्तमान अध्यक्ष आकाश मेहता के कार्यकाल की प्रस्तुति जब स्क्रीन पर उभरी, तो हर उपलब्धि के साथ एक भावना जुड़ी हुई थी सेवा की, समर्पण की और टीम भावना की। यह केवल कार्यों का विवरण नहीं, बल्कि एक सफल यात्रा की कहानी थी, जिसने सभी के मन को छू लिया।

मुख्य अतिथि श्री डी.के. विजय, की-नोट स्पीकर JFS ललित बलदानिया एवं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित श्री दिनेश जैन और  JFP योगेश्वरी राठौड़ ने अपने विचारों से नई टीम को मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान की।

सभी अतिथियों का  पुष्पगुच्छों द्वारा सम्मान किया गया यह केवल एक परंपरा नहीं बल्कि सम्मान, आदर और अपनत्व की सुंदर अभिव्यक्ति है।

कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष रानमल तातेड व पूर्व अध्यक्ष मुकेश चोपड़ा के साथ युविका चोपड़ा ने जिस सहजता से किया, उसने पूरे आयोजन में निरंतर ऊर्जा बनाए रखी। युविका चोपड़ा को उनके उत्कृष्ट संचालन के लिए सम्मानित किया गया, युवा प्रतिभाओं का सम्मान कर संस्था जो सभी  को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है । इस अवसर पर उपस्थित स्वतंत्र पत्रकार दिनेश देवड़ा धोका ने जो महसूस किया, वह शब्दों से कहीं अधिक गहरा था। उन्होंने अनुभव किया कि जेसीआई शाहीबाग केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है जहाँ हर सदस्य को साथ लेकर चलने की भावना जीवंत है।

विशेष रूप से, निवर्तमान अध्यक्ष द्वारा नव-निर्वाचित अध्यक्ष को पूरे सम्मान, विश्वास और आत्मीयता के साथ कार्यभार सौंपने का दृश्य था। आज के दौर में, जहाँ कई संस्थाओं में यह परंपरा कमजोर पड़ती जा रही है वहाँ यह उदाहरण एक आदर्श प्रस्तुत करता है।

उन्होंने यह भी महसूस किया कि 25 वर्षों की यात्रा पूर्ण करने के बाद भी संस्था में वही उत्साह, वही ऊर्जा और वही समर्पण जीवित है, जो इसकी स्थापना के समय था। यही निरंतरता और एकता किसी भी संस्था की सच्ची शक्ति होती है।

यह समारोह केवल शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि मूल्यों, संस्कारों और सेवा भावना का उत्सव बन गया जिसने हर उपस्थित व्यक्ति के हृदय को स्पर्श किया और सभी को समाज सेवा व नेतृत्व के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस संस्था ने कई नेतृत्व तैयार किये जो अलग अलग संस्थाओ मे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अहमदाबाद में श्रीमती जेठीदेवी संकलेचा का निधन, नेत्रदान कर बनीं समाज के लिए प्रेरणा

नाहटा परिवार द्वारा आयोजित "रिषभ राज संघोत्सव" का शुभ मुहूर्त प्रदान

कर्णावती यूनिवर्सिटी में गढ़सिवाना की योगिता (देविका) जैन को गोल्ड मेडल

तेरापंथ युवक परिषद, अहमदाबाद की वार्षिक सभा हुई सम्पन्न,प्रदीप बागरेचा बने नए अध्यक्ष

भाव अशुभ शुभ हो पहले POETRY

मिलावट के खिलाफ जागरूकता की जरूरत :- अशोक बाफना

अग्रवाल समाज का ऐतिहासिक प्रोजेक्ट: मदुरै स्थित तथनेरी देवभूमि (श्मशान गृह) में वेटिंग हॉल का उद्घाटन 10 मार्च को

राजभवन में हुआ PYS का 212वां सेशन — आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरिश्वरजी म.सा. ने दी “ब्लैक बॉक्स” के ज़रिए खुद को समझने की सीख

पत्नी की याद में समर्पण की मिसाल: चूरू के व्यापारी निर्मल सेठिया ने यूके में रचा इतिहास

धर्म जड़ नहीं, एक प्रवाह है- आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरीजी म.सा. का गिरधर नगर में प्रेरणादायक प्रवचन