रिषभ राज संघोत्सव की छ:रीपालित यात्रा पर नाहटा परिवार को संघवी पदवी से सम्मानित किया।
गढ़सिवाना – ( दिनेश देवड़ा धोका)
श्री जैन श्वेतांबर ओसवाल संघ, गढ़सिवाना ने नाहटा परिवार को छ:री पालित पदयात्रा के सफल आयोजन और उत्कृष्ट धर्मसेवा के लिए संघवी पदवी से सम्मानित किया। यह सम्मान गढ़सिवाना में आयोजित विशेष समारोह में पूरे हर्ष और गर्व के साथ प्रदान किया गया।
नाहटा परिवार ने विक्रम संवत 2082 में कदंबगिरि से शत्रुंजय महातीर्थ तक रिषभ राज छ:री पालित संघ यात्रा का आयोजन किया, जो श्री वड़ाल, शत्रुंजय डेम, रोहिशाला, हस्तगिरि और सिद्धवड़ तीर्थ से होती हुई 15 नवंबर को शत्रुंजय पहुँची। अगले दिन आचार्यदेव श्रीमद् विजय रविशेखर सूरीश्वरजी म.सा. और आचार्यदेव श्रीमद् विजय ललितशेखरसूरीश्वरजी म.सा. की पावन उपस्थिति में रंगमंडप में संघमाला विधान सम्पन्न हुआ।
परिवार पहले भी धार्मिक कार्यों में अग्रणी रहा है—हुबली आदिश्वर जिनालय में कायमी ध्वजा, कंचगार गली के शांतिनाथ जिनालय की प्रतिष्ठा, दादावाड़ी में सीमंधर स्वामी भगवान का बिम्ब विराजमान कराना और गढ़सिवाना में कुंथुनाथ जिनालय में स्वर्ण कलश का लाभ—इन सभी सेवाओं ने परिवार की धर्मनिष्ठा को विशेष पहचान दिलाई है। कुलवधू निर्मला देवी नाहटा की तपस्याएं भी पूरे समाज में प्रेरणा का स्रोत हैं।
संघ ने परिवार के इस सेवाभाव, तीर्थभक्ति और जिनशासन के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान नाहटा परिवार के साथ-साथ गढ़सिवाना की संस्कृति, संस्कार और गौरव का भी सम्मान है।
संघ ने मंगलकामना व्यक्त की कि नाहटा परिवार का धर्ममार्ग पर यह उजाला यूँ ही आगे बढ़ता रहे और देव–गुरु–धर्म की सेवा में उनकी भूमिका सदैव प्रेरणादायी बनी रहे।


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