राजस्थान सेवा समिति द्वारा संचालित राजस्थान स्कूल का 65वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
*अहमदाबाद।* राजस्थान सेवा समिति द्वारा संचालित राजस्थान स्कूल का 65वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संगीतमय स्वागत गीत से हुआ, जिसने समारोह में उत्साह और ऊर्जा भर दी।
मंच पर चेयरमैन श्री गणपत राजजी चौधरी, को-चेयरमैन श्री बाबूलालजी शेखानी, सचिव श्री दीपचंदजी बाफना, सह-सचिव श्री राजेंद्रजी बागरेचा, श्री गौतमजी जैन, श्री रमाकांतजी, श्री किरणजी गुप्ता, श्री मनीषजी गुप्ता, श्री ज्योति प्रकाशजी विराजमान थे।
कार्यक्रम में ट्रस्टीयों के साथ-साथ शहर के अनेक गणमान्य व्यक्ति, समाजसेवी, पूर्व छात्र, अभिभावकगण एवं स्वतंत्र पत्रकार श्री दिनेश देवड़ा धोका की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और अधिक बढ़ा दी।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में चेयरमैन गणपत राजजी चौधरी ने कहा की
विद्यालय की शुरुआत मात्र 20 से 25 विद्यार्थियों से हुई थी, और आज 3000 से अधिक छात्र यहां से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हमें जीवन में पहले लर्न (Learn), उसके बाद अर्न (Earn) और अंत में रिटर्न (Return) के सिद्धांत पर चलना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय संकुल का नव-निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है।
मंच संचालन स्कूल की शिक्षिका सुश्री ध्वनि पंड्या ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने में ट्रस्टी श्री अशोकजी बाफना का विशेष योगदान रहा।
स्थापना दिवस गीत, जिसे स्कूल की शिक्षिका शिप्रा मेम ने लिखा और संगीत शिक्षक जयमीन सुथार ने संगीतबद्ध किया, की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
समारोह में *लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड* से सम्मानित श्री गौतमजी जैन ने अपने भावुक शब्दों में कहा की इस स्कूल ने मुझे पहले शिक्षा दी, फिर अध्यक्ष बनने का अवसर दिया और आज यह सम्मान देकर मेरे जीवन को और समृद्ध बनाया है।
स्कूल की कम्प्यूटर लैब के लाभार्थी गुप्ता परिवार तथा लिफ्ट के लाभार्थी चिड़ीपाल ग्रुप परिवार का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के पश्चात इन दोनों परिवारों द्वारा लिफ्ट एवं कम्प्यूटर लैब का उद्घाटन भी किया गया, जिससे विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हुआ और छात्रों के लिए शिक्षा का वातावरण और सशक्त बना।
विद्यालय के पूर्व शिक्षक नाथाभाई पटेल और रामरतनजी त्रिवेदी को *ज्ञान सेवा सम्मान* से सम्मानित किया गया।
अंत में सचिव दीपचंदजी बाफना ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन स्कूल एंथम और राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
65 वर्षों की गौरवमयी यात्रा में राजस्थान स्कूल ने शिक्षा, संस्कार और समाजसेवा के क्षेत्र में जो मिसाल कायम की है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।







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