मोदी जी के जन्म दिवस पर मोदी सत्ताइसी.... अशोक दोशी
नहीं चला यूंही वो जादू ,
कर्मठता वो मोदी की।
चलते रहते आगे बढ़ते,
फिकर नहीं अवरोधी की।१।
उजली कुक्षी हीरा बा की,
दामोदर दास पिताजी।
राज्य गुजरात निमित बना था ,
घर वाले थे सब राजी।२।
बना ये बंदा देश के खातिर ,
सकल देश से नाता है ।
विश्व के हर किसी कोने में
मोदी जाना जाता है ।३।
बच्चा बच्चा जाने उनको,
शख्स नहीं जो बाक़ी है ।
प्रसिद्ध है वो सारे जग में,
समय सुमित वो साखी है।४!
मिला सौभाग्य से भारत को,
नायक गौरव शाली है ।
प्रधान मंत्री निज मोदी जी ,
सच में वो बल शाली है।५।
बड़े भाग्य से गिरा गोद में ,
जलहल ज्योत सितारा वो।
पोषा है मातु भारती को ,
पाया साथ सहारा वो।६।
पोषित करके मातृभूमि को ,
पुष्ट किया देश पसीने से।
देश भक्ति के भाव बहाएं ,
लगा सभीको सीने से ।७।
भानुशाली सहज तेजोमय,
बुद्धि में श्रेष्ठ ख्याली है ।
त्वरित निर्णय व बेबाकी पन,
देश सिंचता माली है।८।
बड़ा आकर्षक व्यक्तित्व है,
मंत्र मुग्ध करते हैं वे।
नहीं डरते हैं वे किसी से ,
दुख सबका हरते हैं वे ।९।
विश्वस्तरीय सामर्थ वान ,
पुरुष करिश्मा कारी है।
नेता यह मेरे भारत का,
सच कोई अवतारी है।१०।
सकारात्मक दूरदर्शीता,
समुचित जीवन धारा है ।
असाधारण कौशल्य उनका,
भारत का जयकारा है ।११।
भाषण का अंदाज निराला ,
काम सारे निराले हैं ।
न लटकाते न भटकाते वे
दर्जे उनके आले है ।१२।
हाजिर जवाबी आशु भाषी,
निश्छल निर्मल बानी है।
ललकारते हैं जरुर मुताबिक,
लिखते नयी कहानी है।१३।
मौन रहना तब मौन रहते,
रखें वे समझदारी है।
मूर्खों को वे बकने देते
सजगता सदाचारी है ।१४।।
तौर तरीके नायाब बड़े ,
रहन सहन की शैली है ।
अंदाज बयां अजीज लहजा,
नहीं उसमें पहेली है ।१५।
स्पष्ट वादिता गुण विशेष है ,
साख अपनी बढ़ायी है ।
देश विदेश सकल भारत में,
ये हस्ती छायी छायी है ।१६।
विनम्रता गुण सहज खिला खिला,
हंस कर खिलखिलाते है ।
मिलते जुलते कभी किसी से,
आत्मीयता जताते है ।१७।
जा रहा प्रगति पथ पर भारत,
सुशासन शुभ प्रणाली है ।
सुखी सम्पन्न होगा भारत,
मिटा रहा बदहाली है।१८।
नेतृत्व कौशल निष्ठा उनकी,
चार घड़ी वे सोते हैं ।
जाग जाते ब्रह्म बेला में
ध्यान योग में खोते हैं।१९।
सक्षम है वे ऐसे नेता,
रखे ज्ञान तकनीकी का।
अद्यतन जानकारी रखते,
ध्यान रखे हर बीती का।२०।
दावेदार बने उस पद के,
महामात्य कद भारी है।
संचालन हो रहा भारत का,
सकल देश आभारी है।२१।
उड़ा दिये दुश्मन के फर्चे,
जंग अभी भी जारी है,
आतंकी की खेद ख़िलाफत,
नीति मन मनोहारी है ।२२।
मानसिक संतुलन उनका वो,
यही खासियत खूबी है ।
योजना कार अजब गजब का,
ज्यों स्वचलित पनडुब्बी है।२३।
निरस्त किया तीन सौ सत्तर,
लाल सेब कश्मीरी है।
समर्थ शासक शख्स बदौलत,
छायी सघन अमीरी है।२४।
नारी शक्ति को दिया दर्जा,
बनी अब पद प्रभारी वो।
ऊंचे ओहदों पर बिठाया,
मान दिया वो सारी को।२५।
श्री नरेंद्र जी मोदीजी का,
नाम करिश्मा कारी है।
विपक्ष रहें या विपक्ष देश
पड़ता सब पर भारी है ।२६।
दांत कर दिये खट्टे उसके,
दुश्मन पाक हरामी है।
काल बन मंडराया मोदी,
शस्त्र नामी गिरामी है ।२७।
स्वरचित:अशोक दोशी
सिकन्द्राबाद

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