दिलों को छू लेने वाला एक नाम — जैन संगीतकार दीपक करनपुरिया

 

अहमदाबाद, 6 जुलाई – कुछ शख्सियतें ऐसी होती हैं जो केवल मंच पर नहीं, अपने व्यवहार और आत्मीयता से भी लोगों का दिल जीत लेती हैं। जैन समाज के लोकप्रिय संगीतकार दीपक करनपुरिया ने ऐसा ही एक उदाहरण हाल ही में पेश किया, जब उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम और प्रतिकूल मौसम के बावजूद अपने आत्मीय संबंधों को प्राथमिकता दी।

दीपक करनपुरिया 5 जुलाई को एक धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम के सिलसिले में फ्लाइट से बेंगलुरु रवाना होने के लिए अहमदाबाद पहुँचे थे। अहमदाबाद आगमन के तुरंत बाद उन्होंने स्वतंत्र पत्रकार श्री दिनेश देवड़ा धोका से फोन पर औपचारिक बातचीत की। इसी दौरान उन्हें पता चला कि शासन गौरव और कुल गौरव से सम्मानित श्री मुकेश चोपड़ा तथा श्री बाबा रामदेव ध्यान केंद्र सिवाना के ट्रस्टी चम्पालालजी बागरेचा अस्वस्थ चल रहे हैं।

इस जानकारी से चिंतित होकर उन्होंने दोनों से मिलने की इच्छा जताई, लेकिन फ्लाइट का समय नजदीक होने के कारण वह तत्काल नहीं जा सके। उन्होंने वादा किया कि वापसी पर अवश्य भेंट करेंगे।

उनकी वापसी अगले दिन रविवार शाम 5 बजे अहमदाबाद में हुई। शाम 7 बजे उन्हें अगले कार्यक्रम के लिए ट्रेन पकड़नी थी और शहर में मूसलाधार बारिश हो रही थी। ऐसे में भी दीपक करनपुरिया ने रिश्तों की गरिमा को महत्व दिया।

उन्होंने बिना देर किए कैब बुक की और भारी बारिश के बावजूद दोनों  से मिलने पहुँच गए।

अचानक हुई इस आत्मीय मुलाकात से श्री मुकेश चोपड़ा व चम्पालाल जी बागरेचा अत्यंत प्रसन्न हुए। उनके चेहरों पर मुस्कान और मन में आभार स्पष्ट झलक रहा था। यह कोई औपचारिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि दिल से दिल को जोड़ने वाली सच्ची आत्मीयता थी।

दीपक करनपुरिया का यह कदम आज की भागदौड़ भरी दुनिया में रिश्तों को निभाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। उन्होंने साबित किया कि सच्चे संबंधों के लिए समय नहीं निकाला जाता – वे दिल से निभाए जाते हैं।

संगीत के माध्यम से भावनाओं को छूने वाले इस कलाकार ने अपने इस व्यवहार से यह दिखा दिया कि वे मंच पर ही नहीं, जीवन के हर पहलू में सुरों और संवेदनाओं के सच्चे साधक हैं।

उनकी यह मुलाकात अपनत्व और सजीव मानवीय संबंधों की एक सुंदर मिसाल बनकर सामने आई है।



टिप्पणियाँ

  1. बहुत सुंदर आत्मियता व अनुराग का उत्तम उदाहरण बहुत ही मनहरण ।
    भावनाओं का बहता है झरना तब बनते हैं वो समिकरण।

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