_हमखयालाती का कमाल (एक मन एक विचार)_

 




_जब भी मिलें दो हमखयालात,_

_आसान लगती हर आस है._


_मुश्किलें चाहे कैसी भी हों,_

_दिखती मंजिल बहुत पास है._


_एक और एक से दो नहीं,_

_ग्यारह का ही एहसास है._


_ना कोई बहस, ना तकरार,_

_बस एक दिल, एक करार._


_कदम से कदम मिलाएँ,_

_हर ख्वाब सच कर जाएँ._


_एक दूसरे का दर्द जानें,_

_बिन बोले दिल पहचानें._


_नज़रों में दिल से पहचान,_

_हर अंधेरे में रोशन जहान._


_समान सोच का हो संगम,_

_लहराए जीवन में परचम._


_सकारात्मकता से आगे जाएँ,_

_नवनिर्माण की चेतना पाएँ._


_ये रिश्ता बड़ा रूहानी है,_

_हर लम्हा नई कहानी है._



_✍🏻दिनेश दोशी_

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