*कारगिल विजय दिवस*


26 जुलाई का दिन ऐतिहासिक ,जिस पर पूरे देश को गर्व है।

कारगिल विजय दिवस सेना का,मानो एक पर्व है।


1999 में हुआ युद्ध ये, 60 दिनों तक अविरत जारी था।

पाकिस्तान को किया परास्त भारत ने,26 जुलाई का दिन भारी था।

जांँबाज जवानों ने अपना,तेज बल और साहस दिखाया था।

दुश्मन को खदेड़, कारगिल पहाड़ियों पर तिरंगा लहराया था।


फ़रवरी 1999 में दोनो देशों ने,शांति घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किया।

काश्मीर मुद्दों को द्विपक्षीय वार्ता द्वारा,हल करने का वादा किया।


आपरेशन बद्र से पाकिस्तान सैनिकों को, नियंत्रण रेखा के पार भेजने लगा।

चुपके से, ठंडी के मौसम में,भारतीय चौकियों पर कब्जा करने लगा।

मुख्य उद्देश्य था उसका,काश्मीर और लद्दाख के बीच की कड़ी को तोड़ना।

कैसे भी हों भारतीय सेना को, सियाचिन ग्लेशियर से हटाकर मोड़ना।


अहसास हो गया,भारत को, पाकिस्तान की गंदी चाल का।

भारत ने भी बंदोबस्त कर दिया, फंँसाने उसको जाल का।

आँपरेशन विजय के नाम से,200000 सैनिकों को भेजा था।

26 जुलाई को ही भारत ने,पाकिस्तान को वहांँ से खदेड़ा था।


कारगिल की पहाड़ियों पर सेना ने तिरंगा फहराया था।

जय जय हिन्द जय जय भारत का नारा लगाया था।

 जो घायल और शहीद हुए सैनिक,उन वीरों पर गुमान है।

कारगिल विजय दिवस पर मुथा,सारे देश को अभिमान है।

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*कवि छगनलाल मुथा-सान्डेराव*,

*मुम्बई*

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