आचार्य हस्ती प्रणीत, डॉ. दिलीप धींग द्वारा संपादित चालीस पुस्तकों पर स्पर्धाएँ

पोरुर (चेन्नई) स्थित जिनालय में आचार्य हस्ती की मूर्ति के पास डॉ. दिलीप धींग 
चेन्नई।
आचार्य हस्ती प्रणीत जैन धर्म का मौलिक इतिहास पर आधारित साहित्यकार डॉ. दिलीप धींग के संपादन में चालीस भागों में प्रकाशित पुस्तक शृंखला ‘जैन इतिहास के प्रसंग’ पर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ, भोपाल (मप्र) द्वारा 13 जुलाई 2025, रविवार से प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। अध्यक्ष प्रेम नाहर ने बताया कि इसमें 15 समूहों ने भाग लिया। मंत्री पीयूष चतर ने बताया कि इस आयोजन का और विस्तार करेंगे। जैन प्रोफेसर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष शैलेश जालोरी ने बताया कि आचार्य हीराचंद्रजी महाराज की आज्ञानुवर्ती महासती सौभाग्यवती की प्रेरणा से यह प्रतियोगिता चातुर्मास के हर रविवार को होगी। हर रविवार को विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. दिलीप धींग द्वारा संपादित जैन इतिहास की 40 पुस्तकों पर अब तक विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्थानीय व प्रांतीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर की स्वाध्याय परीक्षाएँ हो चुकी हैं। इनके अनेक संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। मासिक पत्रिका ‘जिणवयणं’ (पाली) में 2016 से ‘जैन इतिहास के प्रसंग’ निरंतर प्रकाशित हो रहे हैं। आचार्य हस्ती जन्म शताब्दी वर्ष 2010 में रत्नसंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पीएस सुराणा की प्रेरणा से ये पुस्तकें तैयार की गई थीं। जैन रत्न युवक परिषद, तमिलनाडु द्वारा भी 2013 में इन पुस्तकों पर प्रतियोगिताएँ करवाई जा चुकी हैं।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अहमदाबाद में श्रीमती जेठीदेवी संकलेचा का निधन, नेत्रदान कर बनीं समाज के लिए प्रेरणा

नाहटा परिवार द्वारा आयोजित "रिषभ राज संघोत्सव" का शुभ मुहूर्त प्रदान

कर्णावती यूनिवर्सिटी में गढ़सिवाना की योगिता (देविका) जैन को गोल्ड मेडल

तेरापंथ युवक परिषद, अहमदाबाद की वार्षिक सभा हुई सम्पन्न,प्रदीप बागरेचा बने नए अध्यक्ष

भाव अशुभ शुभ हो पहले POETRY

मिलावट के खिलाफ जागरूकता की जरूरत :- अशोक बाफना

अग्रवाल समाज का ऐतिहासिक प्रोजेक्ट: मदुरै स्थित तथनेरी देवभूमि (श्मशान गृह) में वेटिंग हॉल का उद्घाटन 10 मार्च को

राजभवन में हुआ PYS का 212वां सेशन — आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरिश्वरजी म.सा. ने दी “ब्लैक बॉक्स” के ज़रिए खुद को समझने की सीख

पत्नी की याद में समर्पण की मिसाल: चूरू के व्यापारी निर्मल सेठिया ने यूके में रचा इतिहास

धर्म जड़ नहीं, एक प्रवाह है- आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरीजी म.सा. का गिरधर नगर में प्रेरणादायक प्रवचन