गदग में आचार्य श्री विमलसागर सूरीश्वरजी म.सा. का चातुर्मास प्रवेश बड़ी धूमधाम और श्रद्धा से हुआ सम्पन्न

 


*7 जुलाई 2025 | गदग, कर्नाटक*

7 जुलाई का दिन गदग नगर के लिए एक ऐतिहासिक और सौभाग्यशाली दिन बन गया, जब बुद्धिसागर सूरीजी समुदाय के पूज्य आचार्य श्री विमलसागर सूरीश्वरजी म.सा. का नगर में चातुर्मास (विमल वर्षावास) के लिए आगमन  हुआ।

प्रवेश शोभायात्रा की शुरुआत केशव नगर से हुई। भक्तों का उत्साह देखने लायक था  बैंड-बाजे, भजन, रंगोली, ध्वज और गुरुदेव के दर्शन की ललक लिए सैकड़ों श्रद्धालु शोभायात्रा में जुड़ते चले गए। यह शोभायात्रा नगर के मुख्य रास्तों से होती हुई स्टेशन रोड स्थित श्री पार्श्व जिनालय पहुंची, जहां पर धर्मसभा का आयोजन हुआ।

गुरुदेव के आगमन का माहौल इतना भक्तिमय था कि गदग ही नहीं बल्कि आस-पास के शहरों, कर्नाटक के कोनों- कोनो से और यहां तक कि देश-विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर शामिल हुए। धर्मसभा में आचार्यश्री ने अपने शांतिपूर्ण और प्रेरणादायक शब्दों से सभी को आत्मकल्याण की राह पर चलने का संदेश दिया। उनके वचनों को सुनकर हर कोई भाव-विभोर हो गया।

इस चातुर्मास का आयोजन श्री राजस्थान जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ, गदग द्वारा किया गया है, जो पूरे चार महीने तक धार्मिक कार्यक्रमों, प्रवचनों, तप, ध्यान और आराधना से गदग को धर्ममय बनाएगा।



आज के इस मंगल प्रवेश का विशेष लाभ मोकलसर के लालीदेवी रूपचंदजी बाफना परिवार ने लिया। पूरे परिवार ने श्रद्धा और सेवा के साथ इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

धर्मसभा के बाद सभी भक्तों के लिए स्वामी वात्सल्य  का भी सुंदर आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने साथ बैठकर प्रेमपूर्वक भोजन किया।

गदग में आचार्यश्री के इस चातुर्मास (विमल वर्षावास) की शुरुआत से नगर में भक्ति, साधना और धार्मिक माहौल की नई ऊर्जा आ गई है। आने वाले चार महीने गदग वासियों के लिए आत्मिक विकास, संयम और संस्कारों से भरपूर रहने वाले हैं।


✍🏻 दिनेश देवड़ा धोका (स्वतंत्र पत्रकार, )



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