बागरेचा परिवार को मिला दीक्षा का पावन मुहूर्त, अहमदाबाद शाहीबाग-गिरधरनगर संघ में गूंजी 'जैनम् जयति शासनम्' की गूंज
अहमदाबाद के शाहीबाग-गिरधरनगर जैन संघ का प्रांगण मंगलवार, 30 मई 2025 को एक ऐतिहासिक व आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना, जब पूज्य श्रमणी गणनायक आचार्य श्री रश्मिरत्नसूरीजी म.सा. की निश्रा में गढ सिवाना निवासी बागरेचा परिवार को दीक्षा का पावन मुहूर्त प्रदान किया गया।
पूज्य आचार्य श्री गुणरत्नसूरीजी म.सा. जैसे 451 दीक्षा दानेश्वरी के चरणों में समर्पित, सूरी प्रेम-भुवनभानु समुदाय की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, आचार्य रश्मिरत्नसूरीजी म.सा. ने श्री सुरेशभाई पारसमलजी बागरेचा के सुपुत्र मुमुक्षु चारीत्रभाई, पुत्रवधू मुमुक्षु दीपिकाबेन और पौत्र मुमुक्षु शाश्वत को दीक्षा लेने का शुभ मुहूर्त मागसर सुद 10, दिनांक 30 नवम्बर 2025 के लिए प्रदान किया।
मुहूर्त-पत्र जैसे ही पढ़ा गया, पूरा संघ “जैनम् जयति शासनम्” के गगनभेदी घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति और भावविभोर वातावरण में 108 युवक-युवतियों ने प्रेरणा पाकर 'भवआलोचना' पुस्तिका को अंगीकार करते हुए आत्मशुद्धि का संकल्प लिया। मुमुक्षु को इस अवसर पर विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। तीनों मुमुक्षुओं के भावनापूर्ण एवं प्रभावशाली वक्तव्यों ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया।
पूज्य गुरुदेव श्री ने अपने प्रवचन में चार प्रकार की आत्माओं को विशेष रूप से धन्यवाद का पात्र बताया— दीक्षा लेने वाले, दीक्षा का पालन करने वाले, दीक्षा देने वाले माता-पिता और अनुमोदना करने वाला पूरा संघ। उन्होंने कहा कि ये सभी ज्ञानी पुरुषों की दृष्टि में सदा वंदनीय हैं।
अगले दिन, 31 मई को साबरमती स्थित सर्वमंगल में आचार्यश्री गुणरत्नसूरीजी म.सा. की पुण्य स्मृति में श्री कुंथुनाथ जिनालय में गुरु मूर्ति की प्रतिष्ठा तथा 11 वा ध्वजारोहण का भव्य आयोजन हुआ। पुरा प्रांगण गगन भेदी जयघोष से गूंज उठा । इस मौके पर आचार्य रविरत्न सूरीजी, आचार्य रश्मिरत्न सूरीजी, आचार्य जितरक्षित सूरीजी और आचार्य जयेशरत्नसूरीजी म.सा. सहित 100 से अधिक साधु-साध्वी भगवंतों की पावन उपस्थिति रही।
संघ द्वारा आने वाले धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा भी तय की गई।
9 जून को मुनि भव्यरत्नविजयजी के संयम जीवन के 10 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन होगा।
10 जून को जयमंगल में ध्वजारोहण और
29 जून को गांव रेवा जैन संघ में चातुर्मास प्रवेश का आयोजन किया जाएगा।
यह पावन दीक्षा मुहूर्त का अवसर न केवल बागरेचा परिवार के लिए गौरव की बात रहा, बल्कि संपूर्ण संघ के लिए भी एक प्रेरणास्पद, पुण्यप्रद और ऐतिहासिक क्षण बन गया।
(समाचार संवाददाता – दिनेश देवड़ा धोका, अहमदाबाद)





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