इतना खर्च मत करो, और अगली पीढ़ी निकम्मी बन जाए इतना पैसा भी मत जोड़ो! — आचार्य यशोवर्मसूरीजी म.सा.
आज तक पौने दो लाख से ज्यादा साधु-साध्वी भगवंतों को रोज़ सुबह उठकर 30-35 किलोमीटर तक विहार करवाने वाले श्रमण सेवा ग्रुप के जांबाज़ युवाओं ने आज दहानु शहर में एक खास प्रवचन और सामैयिक कार्यक्रम रखा।
ये कार्यक्रम हुआ श्रमण सेवा ग्रुप के संस्थापक पूज्य आचार्य यशोवर्मसूरीश्वरजी म.सा., मार्गदर्शक आचार्य भाग्ययशसूरीजी म.सा., प्रेरणा स्त्रोत आचार्य ह्रींकारयशसूरीजी म.सा. की प्रेरणा से।
प्रवचन में पूज्य गुरुदेव ने दिल को छू लेने वाली बात कही —
"भोजन ज़रूरी है, पर इतना भी मत खाओ कि शरीर पर भारी पड़ जाए। पैसा कमाना ज़रूरी है, लेकिन उसकी कोई सीमा होनी चाहिए। अनलिमिटेड पैसा कभी न कभी नुकसान ज़रूर देता है।
अक्सर देखने को मिलता है कि जो ज़्यादा अमीर होते हैं, वही सबसे ज़्यादा माँ-बाप से दूर रहते हैं...
जीवन का संतुलन बिगड़ जाता है, और फिर छोटे-बड़े नशे, बुरी आदतों में इंसान फँस जाता है।
कभी-कभी तो यही पैसे वाले लोग दिखावे के चक्कर में अपने संस्कार और पारिवारिक मूल्य भी भुला देते हैं।"
गुरुदेव ने साफ कहा —
"परिवार के साथ बैठकर खाना, बात करना, समय बिताना — यही असली दौलत है। पर अफ़सोस, सबसे कम यही चीज़ अमीरों के पास दिखती है।
पैसा ज़रूर जोड़ो, पर इतना नहीं कि अगली पीढ़ी कामचोर बन जाए।
पैसा कितना कमाया इसका हिसाब तो सब रखते हैं — एक बार ये भी सोचो कि पैसा कमाने में तुमने क्या-क्या खो दिया?"
इसके साथ ही दहानु गोपीपुरा संघ की ओर से लब्धिविनीत कन्या संस्कार शिविर (L.V.K.S) की शुरुआत हो रही है, जिसमें देश-विदेश से कन्याएं भाग लेंगी और कई कलाकार आकर नारी के असली मूल्य को समझाएंगे। यह शिविर पू. विवेकमाला श्रीजी म.सा. की देखरेख में पाँच दिन चलेगा।
पूज्य गुरुदेव आज सामटा संघ में भी पधारेंगे।
N.H. 48 चिनचोटी नाका पर गिरनार धाम नाम का एक भव्य प्रोजेक्ट बनकर तैयार है — जहाँ साधु-साध्वियों के लिए उपाश्रय, भोजनशाला, ज्ञानशाला, हॉल और कमरे तैयार किए गए हैं।
इस ऐतिहासिक स्थल का उद्घाटन 31 मई 2025 को होगा।


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