*शांतिदूत आचार्य महाश्रमणजी का ईडर में मंगल प्रवेश, अहिंसा और साधना का दिया संदेश*

 


ईडर, 23 मई (शुक्रवार) – तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी ने उम्मेदगढ़ से विहार करते हुए ईडर के अंजना पाटीदार एच.के.एम. आर्ट्स कॉलेज तक की यात्रा पूरी की। इस मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और जगह-जगह श्रद्धा से स्वागत किया गया।

गुरुदेव के आगमन पर महिलामंडल, कन्यामंडल और ज्ञानशाला के बच्चों ने सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें भक्ति, अनुशासन और समर्पण की झलक साफ नजर आई।

प्रवचन में आचार्य श्री ने जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले शब्द कहे: "संयम, सदाचार और सेवा ही सच्चे जीवन की आधारशिला हैं।" उनके विचारों ने हर उम्र के श्रोताओं को प्रेरणा दी।


यह दिन साधकों और श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास रहा, जब उन्होंने न केवल विहार का साक्षी बनने का सौभाग्य पाया, बल्कि आचार्य श्री की वाणी से आत्मिक ऊर्जा भी प्राप्त की।

यह जानकारी ललित सालेचा (कावेरी ग्रुप) ने दी।



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