कदम नहीं रूकने दुंगा...:- स्वरचित:अशोक दोशी
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
देश नहीं झुकने दुंगा
मोदी जी की जंगी घोषणा
कदम नहीं रूकने दुंगा।
दम देश के जवानों में है,
जोश भरा जांबाजों में ।
सुदर्शन का सचोट निशाना
पैनी नजरें बाजों में।
दुश्मन बुज़दिल पागल कपटी
खुद करता बरबादी है
हम लड़ते अपने भुज बल से
सिद्धांती सच वादी है।
धर्म युद्ध अपनी नियती में,
कूट नीति से मारेंगे ।
जो भी होयगा विश्व हित में
उसको ही हम मानेंगे
सोच मत की नहीं कूटेंगे ,
मजा तुमको चखायेंगे ।
परोक्ष हम अपरोक्ष रूप से ,
धूल तुमको चटायेंगे ।
स्वरचित:अशोक दोशी


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