अचूक हमारे निशाने है.....:- अशोक दोशी

 



टिके नहीं  विमान वो उसके,

  अचूक हमारे निशाने है ।

 युद्ध अभ्यास व रणनीतियाॅं ,

    यौद्धा  जाने माने है ।।



  प्रदर्शन बेमिसाल अद्भुत, 

    जांबाज वे लड़ाके है ।

 घर में घुस कर मारे उनको,

    दहके सभी इलाके हैं ।।


   संबल देता परिवारों को,

      जो मोर्चा संभाले है ।

  काम आये  देश के खातिर ।

   जोखिम निज  पे डाले है।।


   अटल इरादे अडिग हौसले,

     प्रशासन की खुमारी है।

     पड़ते हैं दुश्मन पे भारी,

       नहीं रखी  लाचारी है।।


  यदि रखें घुस पेट  जो जारी,

       हम उसे नहीं छोड़ेंगे ।

    छेड़ेगा यदि वो वापस तो,

       उसको मार मरोडेंगे।।


 अदम्य साहस साहसियों का,

    जो जलवा दिखलाया है।

     कई बार नापाक पडौसी 

        मार मुंह की खाया है।।


स्वरचित: अशोक दोशी



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