बिल से इन्हें निकालो बाहर.... अशोक दोशी
दुश्मन जो सीमा के बाहर,
उसको तो निपटा देंगे।
घर के भीतर हैं जो दुश्मन,
उनसे कैसे निपटेंगे।।
सबसे पहले उनसे निपटो,
खेले दुश्मन की गोदी।
उनके चेहरों को पहचानो,
कब्र जिन्होंने थी खोदी।
बिल से इन्हें निकालो बाहर,
ये तो घर के भेदी हैं।
करो फैसला इनका पहले,
ये विधान विच्छेदी हैं।।
जब तक जयचंद है देश में,
कैसे बात बनेगी वो।
गौरव पायेगी वे माताएं ,
देश भक्त जनेगी तो।
स्वरचित:अशोक दोशी


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