मोकलसर स्टेशन पर चेन्नई–भगत की कोठी एक्सप्रेस के ठहराव की उठी मांग

 


श्रद्धालुओं की सुविधा, धार्मिक पर्यटन व क्षेत्रीय विकास को लेकर ग्रामीणों की एकजुट आवाज


मोकलसर सिवाना।
चेन्नई सेंट्रल से भगत की कोठी के बीच चलने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20625/20626) का ठहराव मोकलसर रेलवे स्टेशन पर करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सिवाना उपखंड क्षेत्र सहित मोकलसर, रमणिया, बालवाड़ा, रायथल, भवरानी, खंडप, थापन, मुठली, पादरु, आसोत्रा, जसोल, बालोतरा, असाड़ा, टापरा आदि गांवों के ग्रामीणों ने एक स्वर में रेल प्रशासन से यह मांग रखी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कि रेलवे इसे गंभीरता से लेकर जनभावना का सम्मान करे।
ग्रामीणों ने बताया कि मोकलसर स्टेशन के नजदीक  प्रसिद्ध धार्मिक स्थल असोतरा ब्रह्माजी मंदिर, जसोल माजीसा धाम,  हिंगलाज माता और श्री नाकोड़ा जैन तीर्थ जैसे स्थल स्थित हैं, जहां देशभर से श्रद्धालु दर्शनार्थ पहुंचते हैं। विशेषकर दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में भक्त नाकोड़ा तीर्थ आते हैं। वर्तमान में उन्हें जोधपुर, लूणी या जालौर जैसे दूरस्थ स्टेशनों पर उतरकर सड़क मार्ग से लंबा सफर करना पड़ता है। यदि चेन्नई–भगत की कोठी ट्रेन का ठहराव मोकलसर पर हो जाता है तो यह यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि जसोल–नाकोड़ा रोड पर दर्जनों वेडिंग रिसॉर्ट्स बने हैं, जहां पूरे वर्ष विवाह समारोहों में देश के विभिन्न कोनों से लोग आते हैं। इस ट्रेन के ठहराव से इन कार्यक्रमों में आवागमन और भी सहज हो सकेगा। व्यापारियों और व्यवसायियों के लिए भी यह ठहराव बेहद लाभकारी रहेगा।
इस संदर्भ में श्री नाकोड़ा जैन तीर्थ के ट्रस्टी महेन्द्र बागरेचा (सिवाना) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि
“यह केवल एक स्टेशन पर ट्रेन ठहराव का मामला नहीं, यह पूरे क्षेत्र की धार्मिक आस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और आर्थिक उन्नति से जुड़ा विषय है। दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में भक्त नाकोड़ा आते हैं, ऐसे में मोकलसर पर ठहराव जरूरी है। हम रेलवे मंत्रालय से आग्रह करते हैं कि इस पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।”
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि रेलवे इस जनभावना को गंभीरता से संज्ञान में लेकर मोकलसर स्टेशन को ठहराव सूची में सम्मिलित करे। यदि ऐसा होता है तो इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि समूचे क्षेत्र को विकास की नई दिशा मिलेगी।
दिनेश देवड़ा धोका


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