सिवाना-समदड़ी रोड पर आकार ले रहा अद्भुत धार्मिक व सामाजिक संगम – “विहार धाम” व “ओसवाल पैलेस” का सपना हो रहा साकार, 2026 में होगा पूर्ण


सिवाना (संवाददाता दिनेश देवड़ा धोका): सिवाना-समदड़ी रोड पर मेली गाँव के समीप समाज की आस्था, सेवा और संस्कृति का प्रतीक बनकर “विहार धाम” और “ओसवाल पैलेस” का भव्य निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। यह भव्य योजना वर्ष 2026 तक पूर्ण होने की संभावना के साथ समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी सिद्ध होने जा रही है।


विहार धाम – जैन संतों के मंगल विहार और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए समर्पित यह स्थान आत्मशांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा। यहाँ विराजमान भगवान मुनिसुव्रत स्वामी के भव्य जिनालय की प्रतिष्ठा को 3 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, और अब यह धाम श्रद्धालुओं की आस्था का उज्ज्वल दीप बन चुका है।
ओसवाल पैलेस – आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह पैलेस समाज की बहुउद्देशीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु तैयार हो रहा है। कुल 108 वातानुकूलित कमरे, 6 छोटे हॉल और 2 विशाल हॉल समाजजनों के विवाह समारोह, पारिवारिक कार्यक्रम, धर्मसभाएं व अन्य विविध आयोजनों के लिए एक आदर्श स्थल बनेंगे।


यह परियोजना केवल ईंट और पत्थरों का निर्माण नहीं, अपितु यह समाज की एकता, सेवा, परंपरा और भविष्यदृष्टि का जीवंत उदाहरण है।
समाज के लोग इस पुनीत कार्य में सहभागी बनकर पुण्य की भागीदारी निभा सकते हैं। यह अवसर है अपनी लक्ष्मी को धर्म, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर लगाने का – जिससे भविष्य की पीढ़ियाँ गर्व से कह सकें कि हमने भी इस निर्माण में योगदान दिया।
चलो कुछ ऐसा कर जाएं, जो आने वाले समय को राह दिखाए – विहार धाम और ओसवाल पैलेस के साथ इतिहास रच जाए।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अहमदाबाद में श्रीमती जेठीदेवी संकलेचा का निधन, नेत्रदान कर बनीं समाज के लिए प्रेरणा

कर्णावती यूनिवर्सिटी में गढ़सिवाना की योगिता (देविका) जैन को गोल्ड मेडल

नाहटा परिवार द्वारा आयोजित "रिषभ राज संघोत्सव" का शुभ मुहूर्त प्रदान

तेरापंथ युवक परिषद, अहमदाबाद की वार्षिक सभा हुई सम्पन्न,प्रदीप बागरेचा बने नए अध्यक्ष

भाव अशुभ शुभ हो पहले POETRY

मिलावट के खिलाफ जागरूकता की जरूरत :- अशोक बाफना

अग्रवाल समाज का ऐतिहासिक प्रोजेक्ट: मदुरै स्थित तथनेरी देवभूमि (श्मशान गृह) में वेटिंग हॉल का उद्घाटन 10 मार्च को

राजभवन में हुआ PYS का 212वां सेशन — आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरिश्वरजी म.सा. ने दी “ब्लैक बॉक्स” के ज़रिए खुद को समझने की सीख

पत्नी की याद में समर्पण की मिसाल: चूरू के व्यापारी निर्मल सेठिया ने यूके में रचा इतिहास

गढ़ सिवाना में होगा चातुर्मास का ऐतिहासिक संगम: प्रमुख पदाधिकारियों की घोषणा