शाहीबाग में जैन एकता की अनूठी मिसाल – सकल जैन संघ के बैनर तले निकली भव्य शोभायात्रा

 

शाहीबाग, अहमदाबाद – भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर आज शाहीबाग में इतिहास रच दिया गया। पहली बार सकल जैन संघ के बैनर तले भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ, जिसने सम्पूर्ण जैन समाज की एकता और समरसता का  परिचय दिया।

गिरधर नगर जैन संघ से भगवान का रथ  तेरापंथ भवन पहुचा वहा से सामूहिक रूप मे  कुशल वाटिका, घेवर सर्कल से होती हुई जय मंगल सोसाइटी स्थित भगवान महावीर जिनालय में सम्पन्न हुई। रथ पर विराजित भगवान महावीर की प्रतिमा के दर्शन हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरे मार्ग पर भक्ति, संगीत, वंदन और उत्साह का अनुपम संगम देखने को मिला।

इस शोभा यात्रा मे अहमदाबाद मेयर प्रतिभा बहन जैन भी शामिल हुई

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित गुरु भगवंतों ने अत्यंत प्रेरणादायी संदेश दिया कि –
"जैसे आज सकल संघ ने मिलकर एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, वैसे ही वर्ष में कम से कम दो बार ऐसी शोभायात्रा का आयोजन होना चाहिए जो सम्पूर्ण जैन समाज को एक सूत्र में बांधे।"

इस सुझाव को सभी समाजबंधुओं ने सहर्ष स्वीकार कर भविष्य में भी इसी भावना से जुड़ने का संकल्प लिया।

यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि समाज की एकजुटता और भाईचारे की सशक्त झलक भी प्रस्तुत कर गया  जो आने वाले वर्षों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अहमदाबाद में श्रीमती जेठीदेवी संकलेचा का निधन, नेत्रदान कर बनीं समाज के लिए प्रेरणा

नाहटा परिवार द्वारा आयोजित "रिषभ राज संघोत्सव" का शुभ मुहूर्त प्रदान

कर्णावती यूनिवर्सिटी में गढ़सिवाना की योगिता (देविका) जैन को गोल्ड मेडल

तेरापंथ युवक परिषद, अहमदाबाद की वार्षिक सभा हुई सम्पन्न,प्रदीप बागरेचा बने नए अध्यक्ष

भाव अशुभ शुभ हो पहले POETRY

मिलावट के खिलाफ जागरूकता की जरूरत :- अशोक बाफना

अग्रवाल समाज का ऐतिहासिक प्रोजेक्ट: मदुरै स्थित तथनेरी देवभूमि (श्मशान गृह) में वेटिंग हॉल का उद्घाटन 10 मार्च को

राजभवन में हुआ PYS का 212वां सेशन — आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरिश्वरजी म.सा. ने दी “ब्लैक बॉक्स” के ज़रिए खुद को समझने की सीख

पत्नी की याद में समर्पण की मिसाल: चूरू के व्यापारी निर्मल सेठिया ने यूके में रचा इतिहास

धर्म जड़ नहीं, एक प्रवाह है- आचार्य श्री उदय वल्लभ सूरीजी म.सा. का गिरधर नगर में प्रेरणादायक प्रवचन