राजस्थान स्कूल्स में मनाया गया विश्व नवकार महामंत्र दिवस – आत्मजागृति का एक ऐतिहासिक क्षण
आज 9 अप्रैल 2025, चैत्र सुदी 12 को सम्पूर्ण विश्व में आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्वितीय संचार हुआ, जब JITO (जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन) के तत्वावधान में विश्व नवकार महामंत्र दिवस का आयोजन किया गया। प्रातः 8:01 से 9:36 तक 108 देशों में एक साथ नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप हुआ, जो आत्मकल्याण और विश्वशांति की भावना का प्रतीक बन गया।
इस पावन अवसर पर राजस्थान सेवा समिति द्वारा संचालित राजस्थान स्कूल्स में भी एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के मानद मंत्री श्री दीपचंदजी बाफना एवं मानद संयुक्त मंत्री श्री राजेंद्रजी बागरेचा की विशेष विनती पर, परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री जगतचंद्र सूरिश्वरजी महाराज साहब के शिष्य, पन्यास श्री शीलचंद्र विजयजी महाराज साहब के शिष्य, पूज्य मुनि श्री कुमुदचंद्र विजयजी महाराज साहब विद्यालय में पधारे।
विद्यालय प्रांगण में मुनिश्री का स्वागत पारंपरिक विधियों से किया गया। छात्रों, शिक्षकों और समिति के पदाधिकारियों द्वारा गुरुवंदन कर इस पवित्र अवसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया गया।
मुनि श्री ने नवकार महामंत्र की महिमा को अत्यंत सरल और प्रभावशाली भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि यह महामंत्र किसी धर्म, जाति या संप्रदाय से बंधा नहीं है, अपितु समस्त जीवात्माओं के कल्याण के लिए एक सार्वभौमिक मंत्र है। उन्होंने नवकार मंत्र का विस्तृत अर्थ, उसकी प्रत्येक पंक्ति की गहराई और उसका हमारे जीवन में महत्व, दृष्टांतों के माध्यम से उजागर किया।
उन्होंने ‘मंत्र’ और ‘महामंत्र’ में अंतर स्पष्ट करते हुए यह भी बताया कि दैनिक जीवन की कठिनाइयों, मानसिक अशांति और तनाव से उबरने के लिए नवकार महामंत्र एक अमोघ औषधि के समान है। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने गहन मनोयोग से उनके वचनों को आत्मसात किया।
कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनों को 108 मनकों वाली नवकार माला वितरित की गई, जिससे वे नियमित जाप कर सकें और अपने जीवन में सकारात्मकता एवं शांति ला सकें।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से किए गए नवकार महामंत्र जाप से हुआ, जिसमें शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने भाग लेकर इस ऐतिहासिक पल को स्मरणीय बना दिया। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मजागृति, नवचेतना और विश्वकल्याण की दिशा में एक महान पहल बनकर उभरा।
राजस्थान स्कूल्स में आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस का यह आयोजन विद्यालय के इतिहास में एक आध्यात्मिक स्वर्णपृष्ठ के रूप में अंकित हो गया, जिसने न केवल ज्ञान दिया, बल्कि हृदयों को शांति, श्रद्धा और समर्पण की ओर उन्मुख किया।


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