*आतंकवाद का करो सफाया*व:- कवि छगनलाल मुथा
देख चुकी दुनिया पहलगाम में,
आतंकवाद का असली चेहरा।
हर एक भारतवासी के दिल पर,
हो गया एक घाव है गहरा।
कितनी बर्बरता से मारे निर्दोषों को,
पूछ-पूछ कर धर्म तुम्हारा।
अब करना उनका जड़ से सफाया,
यही एक है भाव हमारा।
देश हमारा, काश्मीर हमारा,
पहलगाम का ख़ुबसूरत नजारा।
हरी-भरी इस ख़ूबसूरत धरा को,
लहू से क्यों लाल कर डाला।
क्या बिगाड़ा था इन्होंने तुम्हारा,
दूर परिवार संग घूमने आये।
अपनी पत्नी बच्चों के सामने ही,
गोलियों से उन्हें भून डाला।
बहुत सहन किया अब नहीं सहेंगे,
बदला इसका लेके रहेंगे।
बंद करेंगे सिंधु नदी का पानी,
वो एक-एक बूँद को तरसेंगे।
मिटा दो उसका नामोनिशान,
दागकर मिसाईल बम गोले।
आतंकवाद का करो सफाया,
सारा भारत संग मुथा भी बोले।
*जय हिन्द*
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*कवि छगनलाल मुथा-सान्डेराव*
*मुम्बई*

धन्यवाद 🙏 भाई
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