पूज्य साध्वी श्री सूर्यप्रभा श्रीजी के करकमलों से हुआ सम्मान

 

 *श्री पार्श्वनाथ जैन संघ, बल्लारी* के अंतर्गत संचालित *श्रुत संस्कार तीर्थ पाठशाला* में आज धर्मिक गौरव का क्षण रहा, जब श्रुत संस्कार तीर्थ पाठशाला कि देवांशी पवनकुमार ओस्तवाल ने *अतीचार सूत्र* का सबसे पहले सिख कर त्रुटिरहित वाचन एवं *प्रतिक्रमण* में उसका दो बार शुद्ध उच्चारण कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।


देवांशी ओस्तवाल ने पूरी श्रद्धा और लगन से सूत्र को कंठस्थ किया और बिना किसी भूल के शुद्धता से उसका पाठ किया जिसकी  वजह साध्वी श्री सूर्यप्रभा श्रीजी मारासा वह आदि ठाना के साथ साथ लाभार्थी परिवार कि श्रीमती रीटा देवी और सभी लोगों ने  भी भूरी भूरी प्रशंसा कि वह यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि बल्लारी की बाल प्रतिभाएं धर्म के मार्ग पर दृढ़ता से अग्रसर हैं।

 

देवांशी ओस्तवाल को *साध्वी श्री सूर्यप्रभा श्रीजी* के करकमलों से पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही *श्री जैन संघ बल्लारी* के  उपाध्यक्ष *श्री सुरजमलजी* एवं रोशनजी जैन भैरवजी जैन वह पवन ओस्तवाल भी उपस्थिति रहे।


  *लाभार्थी* *श्रीमती रीता देवी, प्रदीप कुमारजी, चुन्नीलालजी सकारिया परिवार (बल्लारी – तख़्तगढ़)* रहे, जिनके सहयोग से बच्चों को सुंदर उपहार प्रदान किए गए।



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