समारोहों और अत्यधिक कसरत से जुड़ी अचानक मौतें: सतर्कता की है ज़रूरत
हाल के दिनों में देशभर में ऐसी कई दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आई हैं, जहाँ खुशियों के माहौल में अचानक मातम छा गया। कभी शादी की सालगिरह तो कभी बहन की शादी, कभी जिम में पसीना बहाते युवा – ऐसे कई मौके रहे, जहाँ हंसते-खेलते लोग अचानक गिर पड़े और फिर कभी न उठे। उत्तर प्रदेश के बरेली में 2 अप्रैल 2025 को 50 वर्षीय वसीम सरवत अपनी पत्नी फराह के साथ 25वीं शादी की सालगिरह मना रहे थे। स्टेज पर खुशी-खुशी डांस कर रहे वसीम अचानक जमीन पर गिर पड़े। जब तक उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसी तरह प्रयागराज में भी एक कारोबारी अपनी सालगिरह पर डांस करते हुए हार्ट अटैक का शिकार हो गया। छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहाँ शादी समारोह के दौरान डांस करते समय युवाओं को हार्ट अटैक आया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ये घटनाएं केवल उत्सवों तक सीमित नहीं हैं। जिम में अत्यधिक वर्कआउट करते युवाओं की भी अचानक मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कहीं कोई युवा ट्रेडमिल पर दौड़ते वक्त गिर जाता है, तो कहीं कोई हैवी वेट लिफ्ट करने के बाद सांस की तकलीफ में दम तोड़ देता है। सोशल मीडिया और फिटनेस के बढ़ते चलन में लोग बिना डॉक्टर की सलाह के अत्यधिक व्यायाम करने लगे हैं, जिससे हृदय पर असामान्य दबाव पड़ता है।
हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि डांस, वर्कआउट या कोई भी शारीरिक गतिविधि शरीर की क्षमता के अनुसार ही करनी चाहिए। 40 की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच, बीपी-शुगर नियंत्रण और दिल की सेहत पर ध्यान देना बेहद आवश्यक हो गया है। अत्यधिक उत्साह, अचानक exertion और मानसिक तनाव शरीर को भीतर से झकझोर सकते हैं।
समारोहों और जिम जैसे स्थान जीवन के उत्सव और स्वास्थ्य के प्रतीक हैं, लेकिन इनसे जुड़ी ऐसी घटनाएं अब गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। यह समय है जब हम केवल दिखावे या आदत के लिए नहीं, बल्कि समझदारी और सजगता के साथ जीवन जीना सीखें। जश्न ज़रूरी हैं, फिटनेस भी ज़रूरी है, पर उससे ज़्यादा ज़रूरी है — जीवन की सलामती।




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