महिलाएं बना सकती हैं परिवार को व्यसनमुक्त : -डॉ. दिलीप धींग




उदयपुर, कुराबड़।

अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गीय शांत क्रांति जैन श्रावक संघ, उदयपुर के तत्वावधान में महिला दिवस के उपलक्ष्य में 'आदर्श मुखियाः सफल परिवार की कहानी' विषय पर एक प्रभावशाली ई-व्याख्यान आयोजित किया गया। इस व्याख्यान में अंतरराष्ट्रीय प्राकृत केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ. दिलीप धींग (बम्बोरा) ने कहा कि भारतीय समाज व्यवस्था में परिवार मूल आधार है और परिवार का आधार मुखिया होता है। परिवार एक प्रयोगशाला है, जहां संस्कार गढ़े जाते हैं, और एक साधनास्थली भी है, जहां आदर्श मूल्यों की साधना होती है। उन्होंने कहा कि परिवार की एकता और उन्नति में मुखिया की अहम भूमिका होती है।


डॉ. धींग ने जोर देते हुए कहा कि एक आदर्श मुखिया न केवल परिवार का निर्माण करता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं परिवार को व्यसनमुक्त, फैशनमुक्त और कषायमुक्त बनाने में अहम योगदान दे सकती हैं। उनका मानना है कि परिवार का मुखिया यदि स्वयं इन दोषों से मुक्त होगा तो परिवार में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण बनेगा।


इस अवसर पर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र जैन, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष लीला कोठारी, टीम प्रमुख लोकेश कोठारी और नरेन्द्र हिंगड़ सहित देश-विदेश से अनेक प्रबुद्धजन इस ई-व्याख्यान से जुड़े। टीम प्रमुख लोकेश कोठारी ने बताया कि इस व्याख्यान का उद्देश्य परिवार में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना और समाज को एक मजबूत व सशक्त आधार प्रदान करना है।



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