भारतीय रेलवे की ‘जैन यात्रा’ सफलतापूर्वक संपन्न – श्रद्धालुओं ने किए पावन तीर्थों के दर्शन
भारतीय रेलवे द्वारा जैन समुदाय के लिए विशेष रूप से आयोजित ‘जैन यात्रा बाय भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ 17 फरवरी 2024 को श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस अनूठी तीर्थयात्रा में देशभर से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और जैन धर्म के प्रमुख तीर्थों के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति प्राप्त की।
9 फरवरी 2024 को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से रवाना हुई इस विशेष ट्रेन ने बिहार और झारखंड में स्थित जैन धर्म के पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई। 9 दिनों और 8 रातों की इस आध्यात्मिक यात्रा में श्रद्धालुओं ने पावापुरी, कुंडलपुर, गुणियाजी, लच्छुआर, राजगीर, पारसनाथ, रुजुवालिका और सम्मेद शिखरजी जैसे ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों के दर्शन किए।
इस विशेष यात्रा में 540 से अधिक यात्रियों ने भाग लिया, जिन्हें रेलवे द्वारा बेहतरीन सुविधाएँ प्रदान की गईं। ₹15,000 प्रति व्यक्ति शुल्क में यात्रियों को AC III (इकोनॉमी) श्रेणी में आरामदायक यात्रा कराई गई। रहने की व्यवस्था डबल और ट्रिपल शेयरिंग में की गई थी, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान सुविधाजनक आवास प्राप्त हुआ। इस यात्रा पैकेज में सभी तीर्थ स्थलों तक आंतरिक बस परिवहन और जैन धर्म की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए शुद्ध जैन भोजन की विशेष व्यवस्था भी शामिल थी।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने इसे एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया। यात्रियों ने कहा कि पूरे सफर में रेलवे द्वारा की गई व्यवस्थाएँ अत्यंत सुव्यवस्थित थीं। प्रत्येक तीर्थ स्थल पर दर्शन, पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्था ने उनकी आस्था को और भी प्रगाढ़ किया।
भारतीय रेलवे की इस पहल की जैन समाज के प्रमुख नेताओं और श्रद्धालुओं ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। समाज के वरिष्ठ जनों ने कहा कि यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त बनाने में सहायक रही, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेलवे की यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुई है, जिससे भविष्य में भी ऐसी आध्यात्मिक यात्राओं की उम्मीद की जा रही है।





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