आचार्यश्री नवरत्नसागर सूरीश्वरजी का 82वां जन्मोत्सव : गुणानुवाद सभा में गूंजे श्रद्धा और संकल्प के स्वर

 


सोमवार, 17 मार्च को देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ आचार्यश्री नवरत्नसागर सूरीश्वरजी का 82वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदसौर में आयोजित मुख्य समारोह में गुरुदेव के पट्टधर युवाचार्यश्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी और मोहनखेड़ा के गच्छाधिपति आचार्यश्री हितेषचंद्र सूरीश्वरजी की दिव्य निश्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित गुणानुवाद सभा में गुरुदेव के तप, त्याग और समर्पण से भरे जीवन को नमन किया गया। आचार्यश्री हितेषचंद्रजी ने कहा कि गुरुदेव सहज, सौम्य और सरल व्यक्तित्व के धनी थे। वे अपने से छोटे साधु-संतों के प्रति भी अपार स्नेह रखते थे। युवाचार्यश्री विश्वरत्नसागरजी ने अपने गुरु के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प व्यक्त किया। सभा में गणीवर्यश्री कीर्तिरत्न सागरजी ने गुरुदेव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।


इस भव्य आयोजन में समाज के कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मालवा महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संतोष मेहता, संगठन प्रमुख राजेश जैन मानव, महासचिव वीरेंद्र जैन एवं राजेंद्र करणपुरिया, नवरत्न परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण फुलेरा सहित कई प्रमुख हस्तियां सभा में शामिल हुईं। सुप्रसिद्ध संगीतकार दीपक करणपुरिया प्रतापगढ़ ने भजन और स्तवन की सुमधुर प्रस्तुति देकर संपूर्ण वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मालवा महासंघ को आगामी महामांगलिक के लिए निमंत्रण पत्र भेंट किया गया, जो 30 मार्च को भवानी मंडी में संपन्न होगा। साथ ही, छह जुलाई को इंदौर में होने वाले आचार्यश्री के चातुर्मास प्रवेश को ऐतिहासिक बनाने के लिए मालवांचल के सभी श्रीसंघों से सहभागिता का आग्रह किया गया।

गुरुदेव का जन्मोत्सव केवल समारोह नहीं, बल्कि सेवा, परोपकार और जीव दया के महापर्व के रूप में मनाया गया। जिला गो रक्षा संगठन द्वारा विभिन्न स्थानों पर पक्षियों, श्वानों और मछलियों को आहार सेवा दी गई। नागेश्वर महादेव मंदिर में छप्पन भोग अर्पित कर गोवंश को प्रसादी स्वरूप भोजन कराया गया। अस्पताल, छात्रावास और आहार केंद्रों में मिठाइयां, फल और सब्जियां वितरित की गईं। भोपावर स्थित बड़केश्वर गोशाला में गोमाता को मिठाइयां, फल, गुड़ और हरी घास का भोजन कराया गया। जिला गो रक्षा संगठन के अध्यक्ष विजय पटेल ने बताया कि गुरुदेव का जीवन केवल प्रवचन नहीं, बल्कि सेवा, दया और समर्पण का जीवंत संदेश था। इस भव्य आयोजन ने श्रद्धालुओं को गुरुदेव की शिक्षाओं के प्रकाश में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, जिससे यह अवसर न केवल स्मरणीय बल्कि अनुकरणीय भी बन गया।




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