मंदसौर में भक्ति का महासागर: 82 कलाकारों की भव्य प्रस्तुति और भक्तों की ऐतिहासिक भीड़!

 


मंदसौर की धरती ने 16 मार्च 2025 रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर भक्ति और श्रद्धा का अनुपम संगम देखा। गुरुदेव आचार्य श्री नवरत्न सागरसुरीश्वर जी म.सा. के 82वें जन्मदिन महामहोत्सव के शुभ अवसर पर संजय गांधी उद्यान में आयोजित भव्य भक्ति संध्या में आस्था का सागर उमड़ पड़ा। शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक चले इस दिव्य आयोजन में 5000 से अधिक गुरु भक्तों की उपस्थिति ने इसे अविस्मरणीय बना दिया। श्रद्धालुओं का उत्साह इतना अधिक था कि संजय गांधी उद्यान पहली बार छोटा पड़ गया, लेकिन भक्ति की उमंग विशाल होती चली गई।


संध्या का मुख्य आकर्षण रहे संघवी दीपक करनपुरिया, जिनकी प्रेरणादायक उपस्थिति और अनुपम प्रस्तुति ने भक्ति की ऊर्जा को और भी बढ़ा दिया। उनके साथ देवेश जैन, देवेन्द्र पंवार, डॉ. सीमा दफ्तरी, प्रेरणा भटनागर, नमन जैन, महावीर जैन, संयम पामेचा, कमलेश सिसोदिया, योगेश जी, श्रेयांश, मोहित जैन, मानव डोसी, आशीष मराठा, यश बागरेचा, लखन भाई, कवि ध्रुव तारा और राजेंद्र परिहार सहित 82 सुप्रसिद्ध कलाकारों ने गुरुभक्ति से सराबोर प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर भजन के साथ भाव-विभोर भक्त झूम उठे, तालियों की गूंज और "गुरुदेव के जयकारों" ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर मंदसौर सांसद सुधीर जी गुप्ता, जावद विधायक ओमजी सकलेचा और मंदसौर विधायक विपिन जी जैन की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया। जनप्रतिनिधियों ने गुरुदेव के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए इस भक्ति संध्या को मंदसौर के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

इस ऐतिहासिक भक्ति संध्या के भक्ति लाभार्थी भांडावत परिवार और टुडे तहलका मंदसौर रहे, जिन्होंने अपनी श्रद्धा और सेवा से इस आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। जब 5000 से अधिक भक्त, 82 कलाकारों की अनुपम प्रस्तुति और भक्ति की लहरें एक साथ प्रवाहित हुईं, तो मंदसौर की भूमि ने पहली बार ऐसा अद्वितीय संगम देखा। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, समर्पण और अध्यात्म का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय बन गया, जिसे आने वाले युगों तक याद रखा जाएगा।



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