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दूसरी पार्टियों के लिए सबक – भाजपा का नेतृत्व दर्शन

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 साधारण कार्यकर्ता से शिखर तक का सफर—दूसरी पार्टियों के लिए सबक   भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यहां एक साधारण कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा के बल पर शीर्ष पदों तक पहुंच सकता है। जहां अन्य दलों में परिवारवाद और खास व्यक्तियों के इर्द-गिर्द सत्ता घूमती है, वहीं भाजपा में एक छोटा-सा कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक बन सकता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस नीति का सबसे बड़ा उदाहरण हैं। जब वे पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब तक उन्होंने कोई भी चुनाव नहीं लड़ा था। उनकी कार्यक्षमता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें सीधे राज्य की बागडोर सौंपी गई, और आगे चलकर वे देश के प्रधानमंत्री बने। इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए भाजपा ने हाल के वर्षों में कई राज्यों में अपेक्षाकृत कम चर्चित लेकिन कर्मठ नेताओं को मुख्यमंत्री बनाया है।आज राजस्थान में भजनलाल शर्मा, मध्यप्रदेश में मोहन यादव, गुजरात में भूपेंद्र पटेल, छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय, हरियाणा में नायब सैनी, और दिल्ली में रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे हैं। ये ...

आप स्वयं का साथ चाहिए,

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  आप स्वयं का साथ चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए, VIMAL PITLIYA पैसा इज्जत नाम और शोहरत, ऊंचा ओहदा अच्छी सोहबत, नार हंसी हो घर हो अच्छा, हमसे प्यार करे सब सच्चा, कभी न उलझन जीवन में हो, बस सुलझे हालात चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए,  आप स्वयं का साथ चाहिए, 1. सूत्र प्रथम है प्रसन्नता का,सोच हमारी सार्वजनिक हो, अपने कारण नहीं दुखे दिल कोई अपना हो पथिक हो, खुश रहने का सबके दिल में, एक अदद जज्बात चाहिए, आप सभी का साथ चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए, 2. छोटा सा है नियम दूसरा चाह नहीं हो हद से ज्यादा, जितनी चादर पांव पसारो अतिक्रमण कर करो ना वादा, अपने अधिकारों में खुश हो, संतुष्टि अभिजात चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए। 3. नियम तीसरा मेहनत हिम्मत,दूर दृष्टि और अनुशासन का, कार्य हुए सब प्रामाणिकता से,आध्यात्मिक जीवन यापन का, लौकिक जिम्मेदारी के संग, धर्म ध्यान सौगात चाहिए,  आप स्वयं का साथ चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए, 4. है चतुर्थ गुर मूल्यांकित हो,प्रेम प्यार और भाई चारा, सर्वे भवंतु सुखीनः स्वर बन जाए जीवन का नारा, घृणा द्वेष के के घोर तिमिर में,आलोकित नव प्रभा...

आप स्वयं का साथ चाहिए,

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आप स्वयं का साथ चाहिए, पैसा इज्जत नाम और शोहरत, ऊंचा ओहदा अच्छी सोहबत, नार हंसी हो घर हो अच्छा, हमसे प्यार करे सब सच्चा, कभी न उलझन जीवन में हो, बस सुलझे हालात चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए,  आप स्वयं का साथ चाहिए, 1. सूत्र प्रथम है प्रसन्नता का,सोच हमारी सार्वजनिक हो, अपने कारण नहीं दुखे दिल कोई अपना हो पथिक हो, खुश रहने का सबके दिल में, एक अदद जज्बात चाहिए, आप सभी का साथ चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए, 2. छोटा सा है नियम दूसरा चाह नहीं हो हद से ज्यादा, जितनी चादर पांव पसारो अतिक्रमण कर करो ना वादा, अपने अधिकारों में खुश हो, संतुष्टि अभिजात चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए, आप स्वयं का साथ चाहिए। 3. नियम तीसरा मेहनत हिम्मत,दूर दृष्टि और अनुशासन का, कार्य हुए सब प्रामाणिकता से,आध्यात्मिक जीवन यापन का, लौकिक जिम्मेदारी के संग, धर्म ध्यान सौगात चाहि…  विमल पीतलिया, 27.12.1964, B.Sc., L.L.B., D.L.L. पता, "MATUKRITI" 112/5th cross,  Manasara Road, Ittigegud,  MUSORE, 570010. 9844511361, vimalpitliya@yahoo.in

निज भाषा का अभिमान"

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  विषय: मातृ भाषा  विधा :दोहा  निज भाषा का अभिमान" मेरे भारत देश पे,मुझको गर्व गुमान। हिंदी भाषा निज निधी,उस पर है अभिमान।१। हिंदी भाषा पर मुझे, है अति  अधिक  लगाव। निज भाषा निज देश की, इसमें लिखता भाव।२। चाव मुझे इसका रहा,निज भाषा पे नेह । हिंदी भाषा की कृपा, चलता मेरा देह ।३। निज भाषा से प्रित मुझे, इसमें नहीं वहेम। लिखना पढ़ना बोलना, हर दिन मेरा नेम।४। निज भाषा निज देश की, रहना उससे नेह। करो अंलकृत शब्द  से, बहा भाव का मेह।५। संजिवनी सुख दायिनी, मातृ भाषा सुदेश । रक्षण हो निज भेष का, बचना निज परिवेश।६। समर्थ सक्षम निज वतन, मेरा  हिंदुस्तान । मेरे भारत देश की,हिंदी से पहचान।७। स्वरचित: अशोक दोशी

आधुनिक रिश्ते: अपेक्षाओं की उलझन

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  चिंता की चक्की में पिसते माता-पिता दिनेश देवड़ा धोका आज के दौर में माता-पिता की चिंताओं की सूची दिन-ब-दिन लंबी होती जा रही है। पहले जहाँ बच्चों की परवरिश और उनकी शिक्षा ही प्रमुख चिंताएँ होती थीं, वहीं अब उनकी समय पर शादी होना एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। बच्चों की बढ़ती ख्वाहिशें और उनके रिश्तों के लिए अनगिनत मांगें, माता-पिता को दिन-रात व्यस्त रखती हैं। समय पर शादी न होने की चिंता माता-पिता के लिए सबसे बड़ी होती है। समाज के दबाव में वे हमेशा इस चिंता में रहते हैं कि कब और कैसे उनके बच्चों के अच्छे रिश्ते आएंगे। रिश्तों की तलाश में वे बिचौलियों, इंटरनेट साइट्स और रिश्तेदारों के माध्यम से तरह-तरह के प्रयास करते हैं। मगर, आजकल लड़के और लड़कियाँ भी अपनी पसंद और नापसंद के आधार पर निर्णय लेते हैं। रिश्तों के लिए उनकी मांगें भी बढ़ गई हैं। लड़कियों को अब अच्छा-खासा कमाने वाला लड़का चाहिए जो खुद का मकान और बड़ी आय रखता हो। वहीं लड़के भी अच्छी पढ़ी-लिखी, स्वतंत्र और छोटे परिवार की लड़की की तलाश में रहते हैं। इन मांगों ने रिश्तों को एक व्यापार की तरह बना दिया है, जिसमें हर कोई अपने हि...

आधुनिक जीवन में सामाजिक मेलजोल की आवश्यकता

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 आज के दौर मे सामाजिक स्नेह मिलन का आयोजन जरूरी आज के दौर में सामाजिक स्नेह मिलन की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। आधुनिक जीवनशैली में, हम अक्सर अकेले और अलग-थलग महसूस करते हैं। तकनीक ने हमें जोड़ा है, लेकिन यह हमें एक-दूसरे से दूर भी कर रहा है। सामाजिक स्नेह मिलन से तनाव, चिंता और अवसाद कम होता है। यह आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। सामाजिक स्नेह मिलन से रक्तचाप कम होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। यह हृदय रोग, मधुमेह और अन्य बीमारियों के जोखिम को कम करता है। सामाजिक स्नेह मिलन से सामाजिक बंधन मजबूत होते हैं और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। आधुनिक जीवनशैली में, हम अक्सर अकेले और अलग-थलग महसूस करते हैं। हम अपने परिवार और दोस्तों से दूर रहते हैं, और हमारे पास सामाजिक संपर्क कम होता है। आजकल जीवन बहुत तनावपूर्ण है। काम, परिवार और अन्य जिम्मेदारियों के बीच, हम अक्सर अभिभूत महसूस करते हैं। डिजिटल दुनिया: हम डिजिटल दुनिया में बहुत अधिक समय बिताते हैं। हम सोशल मीडिया, इंटरनेट और अन्य तकनीकों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। सामाजिक स्नेह मिलन इन समस्याओं का समाधान कर ...

"रोहित की रणनीति, शमी की धार और गिल की गूंज – भारत की शानदार शुरुआत!"

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शमी के कहर, गिल के शतक और रोहित की कप्तानी मे भारत की धमाकेदार जीत चैम्पियंस ट्रॉफी के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने अपने दमदार प्रदर्शन से बांग्लादेश को करारी शिकस्त दी। मोहम्मद शमी की घातक गेंदबाजी ने बांग्लादेशी बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया, जबकि शुभमन गिल ने शानदार शतक जमाकर भारत की जीत सुनिश्चित की। इस जीत में कप्तान रोहित शर्मा की रणनीतियां भी अहम रहीं, जिन्होंने अपने अनुभव और बेहतरीन लीडरशिप से मैच पर पूरी पकड़ बनाए रखी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेशी टीम को भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव में डाल दिया। मोहम्मद शमी ने अपनी गति, स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को पूरी तरह परेशान किया। उन्होंने 5 विकेट झटककर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया। भारतीय गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के सामने विपक्षी टीम कमजोर नजर आई और बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भले ही धीमी रही, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा की सूझबूझ भरी कप्तानी और शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी ने टीम को जीत की राह पर बनाए रखा। गिल ने अपनी तकनीक...

जयमंगल रेजिडेंसी में उपधान तपस्वियों का भव्य अनुमोदना समारोह संपन्न

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  जयमंगल रेजिडेंसी में उपधान तपस्वियों का भव्य अनुमोदना समारोह संपन्न अहमदाबाद 18 फ़रवरी 2025 संसार की क्षणभंगुरता से ऊपर उठकर जब कोई आत्मा संयम, तप और साधना की राह चुनती है, तो वह केवल स्वयं का नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज का उत्थान करती है। ऐसा ही एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण तब आया, जब अहमदाबाद के शाहिबाग स्थित तेरापंथ भवन से जयमंगल रेजिडेंसी के उपधान तपस्वियों की भव्य शोभायात्रा निकली। शंखेश्वर साम्राज्य में परम श्रद्धेय आचार्य भगवंत श्री यशोवर्म सूरीश्वरजी महाराज, पांच-पांच आचार्य भगवंतों और विशाल साधु-साध्वी मंडल की पावन निश्रा में पूर्ण हुए इस महान उपधान तप के तपस्वी रत्न की शोभायात्रा निकली, तो पूरा नगर उनके स्वागत में आनंदमय हो उठा। गाजे-बाजे, मंगल ध्वनियों और मंगल कलश के साथ जयमंगल परिवार ने अपने इन तपस्वियों का अभिनंदन किया। छोटे-छोटे नन्हे तपस्वी, जिनकी आत्मशक्ति और संकल्प किसी तपस्वी ऋषि से कम नहीं थी, उनकी भव्य शोभायात्रा ने समूचे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। इन तपस्वियों में 9 वर्षीय जैनम राजेशजी तातेड, 11 वर्षीय पर्व जितेन्द्रकुमार भंसाली, 13 वर्षीय जियांश राहु...